गढ़वा : शहर के सोनपुरवा स्थित अंतर्राज्यीय पालिका परिवहन पड़ाव परिसर में रविवार की रात लगभग 11 बजे आग लगने से एक होटल समेत तीन दुकान जल गये. आग लगने की जानकारी पर बचाव कार्य में लगे करीब 12 लोग आग बुझाने के क्रम में होटल में रखे गैस सिलिंडर में विस्फोट होने से घायल हो गये. घटना के बाद घायलों को तुरंत रात में ही इलाज के लिए स्थानीय सदर अस्पताल लाया गया.
यहां चिकित्सकों द्वारा सभी का प्राथमिक उपचार किया गया. सूचना के बाद मौके पर पहुंची दमकल के दो वाहनों से आग पर काबू पाया गया. स्थानीय निवासी व पूर्व वार्ड पार्षद इस्लाम कुरैशी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रात को खाना खाने के बाद वह अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे. इसी बीच रात लगभग 11 बजे एक व्यक्ति ने बताया कि दुकान में आग लग गयी है.
सभी दुकानें उनके घर के समीप थी. जानकारी मिलने के बाद उनका पूरा परिवार और आसपास से काफी संख्या में पहुंचे लोगों ने होटल में लगी आग को बुझाने का प्रयास किया. इसी दौरान होटल में रखे गैस सिलिंडर में विस्फोट हो गया. गैस सिलिंडर के फटने के बाद आग बुझा रहे लगभग 12 लोग घायल हो गये. इसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया. घायलों में वार्ड नंबर छह के पार्षद घनश्याम प्रसाद, पूर्व वार्ड पार्षद इस्लाम कुरैशी, जितेंद्र प्रसाद, नसीम खान, जाकिर हुसैन, सुलेमान कुरैशी, चिंता देवी, बजरंगी पटवा शामिल हैं.
इधर अस्पताल में इलाजरत घायलों ने बताया कि जैसे ही उन्हें आग लगने की सूचना मिली वे लोग अपने-अपने साधन के अनुसार आग पर काबू पाने का प्रयास किये. इसी बीच गैस सिलिंडर में विस्फोट हो गया. घायलों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि होटल में गैस सिलिंडर रखा हुआ है, नहीं तो वे लोग नजदीक नहीं जाते और न ही दुर्घटना के शिकार होते. यद्यपि उक्त घटना में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है. बावजूद एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. आगजनी की इस घटना में करीब तीन लाख रुपये के क्षति होने का अनुमान लगाया गया है.
जिनकी दुकानें जली : रविवार की रात आगजनी में जिनकी दुकानें जली, उनमें चिंता देवी का होटल, भोला का होटल और नसीम खान का फल दुकान शामिल है.
बड़ा हादसा हो सकता था : थाना प्रभारी : गढ़वा के पुलिस निरीक्षक का थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें आगजनी की सूचना मिली, वह दल बल के साथ बस स्टैंड पहुंचे. वहां से उन्होंने तत्काल दमकल को फोन किया, जहां से दो दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर त्वरित कारवाई करते हुये काबू पाया. उन्होंने बताया कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो बस स्टैंड परिसर की दर्जनों दुकानें जल जाती और बड़ा हादसा हो जाता.
दुकानदार आपस में भिड़े, होटल संचालिका व उसकी बहन घायल : घटना के बाद सोमवार की सुबह आगजनी के शिकार नसीम खान व होटल संचालिका चिंता देवी के बीच मारपीट हो गयी. इसमे चिंता देवी व उसकी बहन रानी देवी घायल हो गयी. मारपीट में रानी देवी का माथा फट गया है. नसीम व उसके परिजनों का आरोप था कि वह प्रतिदिन होटल में आग छोड़ कर चली जाती है. उसकी लापरवाही के कारण ही उसका नुकसान हुआ है.
दुकानदारों ने स्थायी दुकान बनाने की मांग की
गढ़वा. स्थानीय पालिका परिवहन पड़ाव में आगलगी की घटना के दूसरे दिन सुबह सोमवार को दुकान लगानेवाले सभी दुकानदारों की बैठक हुई. बैठक में विधायक प्रतिनिधि से नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष केशरी भी उपस्थित थे. इसमें दुकानदारों ने अपनी समस्या को रखते हुए कहा कि प्रत्येक साल किसी न किसी की दुकान में आगलगी की घटना होते रहती है. इसको देखते हुए उन्होंने नगर परिषद से सबके लिये स्थायी दुकान बनाने की मांग की.
इस दौरान विधायक प्रतिनिधि संतोष केशरी ने कहा कि बस पड़ाव में सभी दुकानें बनेंगी. परंतु सभी दुकानों को छह महीने के लिए हटाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि बस पड़ाव की निविदा बहुत जल्द होनेवाली है. अगले नगर परिषद के बोर्ड की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव लाया जायेगा. बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी वार्ड पार्षदों व गोशाला कमेटी की राय से इस मामले में सार्थक पहल होगी. श्री केसरी ने दुकानदारों की मांग को उचित करार दिया.
