गढ़वा नगर निकाय चुनाव : सुबह सात से शाम पांच बजे तक होगा मतदान

मतदानकर्मियों को दिया गया इवीएम का प्रशिक्षण गढ़वा : नगर निकाय चुनाव को लेकर आज पीठासीन पदाधिकारियों व मतदानकर्मियों को इवीएम का प्रथम चरण का प्रशिक्षण दिया गया़ समाहरणालय स्थित कांन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण के दौरान मतदानकर्मियों को मतदान सामग्री कलेक्शन से लेकर इवीएम बज्रगृह में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया के […]

मतदानकर्मियों को दिया गया इवीएम का प्रशिक्षण
गढ़वा : नगर निकाय चुनाव को लेकर आज पीठासीन पदाधिकारियों व मतदानकर्मियों को इवीएम का प्रथम चरण का प्रशिक्षण दिया गया़ समाहरणालय स्थित कांन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस प्रशिक्षण के दौरान मतदानकर्मियों को मतदान सामग्री कलेक्शन से लेकर इवीएम बज्रगृह में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से बताया गया़ इस मौके पर उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी डॉ नेहा अरोड़ा ने भी प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित किया़
उपायुक्त ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष व पारदर्शी हो, इसके लिए सभी मतदानकर्मियों को सही तरीके से अपने दायित्वों का निर्वाहन करना होगा़ उपायुक्त ने कहा कि 16 अप्रैल की सुबह सात बजे से लेकर अपराह्न पांच बजे तक मतदान की प्रक्रिया चलेगी़ प्रशिक्षण देते हुए एसडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रत्येक बूथों पर एक पीठासीन पदाधिकारी सहित सात-सात मतदानकर्मी लगाये जायेंगे़ सभी बूथों पर पेयजल, बिजली, शौचालय व सोने आदि की व्यवस्था रहेगी़ सभी बूथों पर लाइव टेलिकास्ट की व्यवस्था भी की गयी है़
जहां लाइव टेलीकास्ट नहीं हो पायेगा, वहां वीडियो रिकॉर्डिंग की जायेगी़ एसडीओ ने कहा कि इस बार जो भी सामग्री मतदानकर्मियों को दी जायेगी, उसकी गुणवत्ता पिछले सभी चुनावों से बेहतर होगी़ मतदान सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा़ इस अवसर पर प्रशिक्षक के रूप में एसडीओ के अलावा एपीओ सिया जानकी सिंह, परमानंद सिंह, प्रशांत कुमार, अभिषेक कुमार आदि उपस्थित थे़ प्रशिक्षण के दौरान इवीएम खोलकर उसके सभी पहलुओं को बताया गया़ साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से भी इवीएम व प्रपत्र भरने आदि की जानकारी दी गयी़
इवीएम का रंग होगा उजला, हरा व गुलाबी
नगर निकाय चुनाव में इस बार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व वार्ड पार्षद के तीन पदों के लिए अलग-अलग रंग के मतदान पर्ची तय किये गये है़ं इसमें अध्यक्ष प्रत्याशियों के इवीएम में गुलाबी रंग की पर्ची अंकित रहेगी़ जबकि उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के लिए हरा तथा वार्ड पार्षद पद के इवीएम में उजला मतदान पर्ची अंकित रहेगी़ सभी प्रत्याशियों को प्रत्येक पद के लिए एक-एक वोट यानी तीन वोट देने होंगे़
सरकारी शिक्षकों के अलावा पंचायत सेवक व राजस्व कर्मचारी भी लगेंगे
नगर निकाय चुनाव की मतदान प्रक्रिया में गढ़वा व नगरऊंटारी में कुल 441 मतदानकर्मी लगाये जायेंगे़ इसमें पीठासीन पदाधिकारियों की संख्या 63 होगी़ जबकि प्रत्येक बूथ पर छह-छह मतदानकर्मी और रहेंगे़ लेकिन रिजर्व मतदानकर्मियों व रिजर्व पीठासीन पदाधिकारियों को मिलाकर कुल 553 मतदानकर्मियों को प्रशिक्षण देकर चुनावी प्रक्रिया में शामिल किया जायेगा़ सभी मतदानकर्मियों को मंगलवार को प्रथम चरण का इवीएम प्रशिक्षण दिया गया है़ इसके बाद दो बार और उन्हें प्रशिक्षण दिया जायेगा़ नगर निकाय चुनाव में सरकार के निर्देश के बावजूद सरकारी शिक्षकों को लगाया जा रहा है़ इनके अलावे पंचायत सेवकों, राजस्व कर्मचारियों, लिपिकों एवं अनुसेवकों को भी लगाया जायेगा़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

नगर निकाय चुनाव में नहीं चला विधानसभा का गणितगढ़वा नगर परिषद चुनाव में भाजपा, झामुमो, कांग्रेस व राजद को उम्मीद से कम मिले मत- अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की जीत ने चौंकाया- पिछले मत प्रतिशत को बरकरार नहीं रख सके बड़े दलपीयूष तिवारी, गढ़वागढ़वा नगर परिषद चुनाव संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों को मिले मतों और उनके जीत-हार के समीकरणों की चर्चा शहर के नुक्कड़ों और चौक-चौराहों पर तेज हो गयी है. बिना किसी दल और बड़े नेताओं के समर्थन के दौलत सोनी की अध्यक्ष पद पर जीत ने सभी को चौंका दिया है. इस चुनाव में झामुमो, कांग्रेस, राजद और भाजपा जैसे बड़े दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी. लेकिन परिणामों ने इन दलों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. करीब 15 महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में इन दलों को जो मत मिले थे, उन्हें वे अपने समर्थित प्रत्याशियों के माध्यम से बरकरार नहीं रख सके. सबसे खराब स्थिति भाजपा की रही है. विधानसभा चुनाव 2024 में भाजपा शहर के 33 बूथों में से 30 बूथों पर पहले स्थान पर रही थी. शहरी क्षेत्र से पार्टी को 15 हजार से अधिक मत प्राप्त हुए थे. इसके विपरीत नगर निकाय चुनाव में भाजपा के अध्यक्ष पद की प्रत्याशी कंचन जायसवाल को मात्र 2582 मत मिले. यदि भाजपा के बागी प्रत्याशी अलखनाथ पांडेय को मिले 2701 मत भी जोड़ दिये जाएं, तो कुल आंकड़ा लगभग 5300 तक ही पहुंचता है. यह संख्या विधानसभा चुनाव में मिले मतों की तुलना में काफी कम है.पिछले निकाय चुनाव के मत भी नहीं बचा सकी भाजपावर्ष 2018 के नगर निकाय चुनाव में अलखनाथ पांडेय की पत्नी मीरा पांडेय ने भाजपा के टिकट पर उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था. उन्हें 6899 मत मिले थे. वहीं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उपाध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने वाले विनोद जायसवाल (2026 में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के पति) को 3810 मत प्राप्त हुए थे. वर्तमान चुनाव में ये दोनों ही परिवार अपने पुराने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सके. न तो विधानसभा चुनाव में मिले मतों को बरकरार रख पाये और न ही पिछले निकाय चुनाव के आंकड़े तक पहुंच सके.झामुमो और कांग्रेस का गठजोड़ भी नहीं दिला सका जीतगढ़वा नगर परिषद चुनाव में झामुमो ने संतोष केसरी को अपना समर्थित प्रत्याशी बनाया था. कांग्रेस ने भी उन्हें समर्थन दिया. दो बड़े दलों के समर्थन के बावजूद संतोष केसरी को मात्र 3790 मत प्राप्त हुए. वर्ष 2018 के निकाय चुनाव में महिला आरक्षित सीट होने के कारण संतोष केसरी की पत्नी पिंकी केसरी अध्यक्ष पद की प्रत्याशी थीं. तब उन्हें 6411 मत मिले थे और वे भाजपा प्रत्याशी थीं. उसी चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कमर सफदर को केवल 420 मत प्राप्त हुए थे. दोनों दलों को उम्मीद थी कि संयुक्त रूप से वे करीब सात हजार मत प्राप्त कर संतोष केसरी को जीत दिला देंगे. लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हो सकी.54 मतों से हारने वाली अनिता दत्ता को इस बार केवल 215 मतवर्ष 2018 के नगर परिषद चुनाव में झामुमो की प्रत्याशी अनिता दत्ता को 6357 मत मिले थे. वे मात्र 54 मतों के अंतर से पिंकी केसरी से हार गयी थीं. इस बार अनिता दत्ता को किसी दल का समर्थन नहीं मिला और वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं. लेकिन उन्हें केवल 215 मतों से ही संतोष करना पड़ा.राजद भी पिछला प्रदर्शन दोहराने में विफलनगर परिषद चुनाव 2026 में राजद ने विकास माली को समर्थन दिया. विकास माली को 1222 मत प्राप्त हुए. जबकि वर्ष 2018 के चुनाव में राजद समर्थित प्रत्याशी मनिका नारायण को 5117 मत मिले थे. वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए राजद प्रत्याशी मो शमीम को 2018 में 3728 मत प्राप्त हुए थे. कुल मिलाकर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार मतदाताओं ने दलों की बजाय प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी. बड़े दलों की रणनीति और पुराने मत प्रतिशत इस चुनाव में कारगर साबित नहीं हुए.

जमीन विवाद में हुई थी विक्रेता की हत्या, तीन शूटर गिरफ्तार

नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ खाली

फर्जी दस्तावेज पर बनवाये गये प्रमाण पत्र रद्द

यह भी पढ़ें >