चाकुलिया. चाकुलिया में जंगली हाथियों का आतंक थम नहीं रहा है. प्रखंड के लगभग सभी जंगल में एक दो या उससे अधिक संख्या में जंगली हाथी शरणागत हैं. दिन भर हाथी जंगलों में रहते हैं. शाम होते ही उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं. मंगलवार की रात जंगली हाथी के हमले से लोधाशोली पंचायत के कुलबादिया निवासी काशीनाथ पातर (65 वर्ष) बाल-बाल बच गये. जानकारी के मुताबिक, कुलबादिया गांव में काशीनाथ घर के भीतर खाट पर सो रहे थे. हाथी ने दरवाजा तोड़कर सूंड भीतर घुसाया. कंबल ओढ़कर सो रहे वृद्ध को सूंड से बाहर की ओर खींचा. खुशकिस्मत से वृद्ध खाट से फिसल कर घर के भीतर गिर गया. कंबल समेत खाट बाहर आ गयी. जंगली हाथी ने खाट और कंबल को अपने पांव से रौंद दिया. इस घटना में वृद्ध बाल बाल बच गया. वन कर्मियों ने काशीनाथ पातर का चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज करवाया. बुधवार को एक जंगली हाथी ने सरडीहा पंचायत स्थित बांकसोल में मोहन मांडी के साइकिल को तोड़ दिया. मोहन अपनी जान बचाकर भागने में कामयाब रहा. साइकिल को तोड़ने के बाद काफी देर तक हाथी साइकिल के इर्द गिर्द ही घूमता रहा. सरडीहा में सागर महाकुड़ की दुकान तोड़कर मसूर दाल और मटर के बोरे को नष्ट कर दिया.
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