East Singhbhum News : समारोह स्थल बदले जाने से ग्रामीण नाराज

गणतंत्र दिवस: राजस्टेट मैदान में ही समारोह आयोजित करने की मांग

घाटशिला.

घाटशिला के राजस्टेट ग्रामवासियों ने बैठक कर अनुमंडल प्रशासन पर राजस्टेट की ऐतिहासिक पहचान को समाप्त करने का आरोप लगाया है. उत्तम चौधरी, नंदगोपाल दत्ता, काजल धल, सुजन मन्ना, गोपेश पांडेय, दीपांकर दत्ता, काशीनाथ नामाता ने कहा कि घाटशिला की पहचान राजबाड़ी अर्थात राजस्टेट से रही है. यहां धवल देव राजाओं का शासन था. इसी राजबाड़ी स्थित राजा के किले में वर्ष 1982 में घाटशिला अनुमंडल कार्यालय की स्थापना की गयी थी. लंबे समय तक यही अस्थायी अनुमंडल कार्यालय रहा. इसके बाद से राजस्टेट के ऐतिहासिक मैदान में ही हर वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह आयोजित होते रहे हैं. वर्ष 2021 में अनुमंडल कार्यालय का अपना भवन मिलने के बाद कार्यालय फूलडुंगरी स्थानांतरित हो गया. इसके बाद भी राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन राजस्टेट के ऐतिहासिक मैदान में होता रहा.

पूर्व आश्वासन के बावजूद राजस्टेट में समारोह नहीं

कहा कि 15 अगस्त 2025 को अधिक बारिश के कारण राजस्टेट का मैदान गीला होने का हवाला देकर प्रशासन ने आयोजन स्थल बदलकर पावड़ा मैदान में कर दिया. उस समय भी स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया था. इसपर प्रशासन ने इसे अस्थायी व्यवस्था बताते हुए अगले बार कार्यक्रम पूर्व निर्धारित स्थल राजस्टेट में ही कराने का आश्वासन दिया था. ग्रामीणों का कहना है कि अखबार के माध्यम से जानकारी मिली कि एसडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में फिर से गणतंत्र दिवस समारोह पावड़ा मैदान में आयोजित करने का निर्णय लिया गया. इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है. कहना है कि राजस्टेट से अनुमंडल कार्यालय चले जाने के बाद यह इलाका वीरान होता जा रहा है. गणतंत्र दिवस व स्वतंत्रता दिवस जैसे समारोह ही इसकी पहचान को जीवित रखते हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वह अपने पूर्व आश्वासन पर अमल करे. राजस्टेट की ऐतिहासिक परंपरा को कायम रखते हुए राष्ट्रीय समारोह पुनः राजस्टेट मैदान में आयोजित कराये जायें.

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By AKASH

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