मुसाबनी. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के संवेदनशील निर्णय से फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत के दलमाबेड़ा ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं. अंचल कार्यालय के निर्देश पर मंगलवार को राजस्व कर्मचारी विजय कुमार वर्मा और चौकीदार गोपाल पातर दलमाबेड़ा पहुंचे. उप्रावि परिसर में 26 विद्यार्थियों व ग्रामीणों के बीच जाति प्रमाण पत्र वितरण किया. ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बरसों की मांग पूरी हुई है. अब उनके बच्चे भी जाति प्रमाण पत्र के अभाव के बिना उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे.
इस अवसर पर मुखिया पोरमा बानरा, कांटे बानरा, दुर्गा बानरा, सिनी बानरा, पूर्व उप मुखिया रुकनी बानरा और शिक्षक सिंगराई जारिका मुख्य रूप से उपस्थित थे.
उल्लेखनीय है कि बीते 5 फरवरी को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने खुद दलमाबेड़ा पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की थी. इस दौरान मुखिया पोरमा बानरा ने प्रमुखता से यह समस्या उठायी थी कि क्षेत्र में 1964 का सर्वे सेटलमेंट खतियान उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं. इससे उच्च शिक्षा और सरकारी सुविधाओं के लाभ में बाधा आ रही थी. ग्रामीणों ने डीसी को जानकारी दी कि उनके पास 1932 का खतियान उपलब्ध है.
