पोटका.
उचित मानदेय, सेवा स्थायीकरण और मेडिकल सुविधा जैसी सात सूत्री मांगों को लेकर ””””झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका संघ”””” के आह्वान पर मंगलवार से रसोइयों ने मोर्चा खोल दिया है. पोटका प्रखंड की सैकड़ों रसोइयों ने काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी हैं, जिससे स्कूलों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था ठप होने के आसार हैं. हड़ताल पर जाने से पहले सैकड़ों रसोइया पोटका प्रखंड परिसर में एकत्रित हुईं. अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की. रसोइयों का आक्रोश उनके हक और सम्मान को लेकर था. संघ के जिलाध्यक्ष सालगे हांसदा और प्रखंड अध्यक्ष नागी मुर्मू ने संयुक्त रूप से कहा कि हमलोग पिछले दो दशकों से स्कूलों में अपनी सेवा दे रहे हैं, लेकिन सरकार हमें उचित मानदेय देने में भी कतरा रही है. जब तक स्थायीकरण और मेडिकल सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जायेंगी, हड़ताल वापस नहीं ली जायेगी. संघ ने साफ कहा कि यदि प्रशासन ने किसी बाहरी एजेंसी से भोजन बनवाने की कोशिश की, तो उसका राज्य स्तर पर पुरजोर विरोध होगा. इस विरोध प्रदर्शन में शकुंतला दास, राजकुमारी सीट, आरती भकत, मिठू दास, हीरामणि सरदार, जोबा भकत, सुलोचना, लीलावती सरदार, शिवानी थैयाल, पार्वती भकत, रानी महतो और आनंदनी सरदार सहित सैकड़ों रसोइया शामिल थीं.
