घाटशिला प्रखंड के ऊपर पावड़ा स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय इन दिनों कई गंभीर और मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है. कक्षा एक से दस तक के करीब 315 छात्र-छात्राओं वाले सरकारी विद्यालय में संसाधन होने के बावजूद उनका उपयोग बच्चों के लिए नहीं हो पा रहा है. विद्यालय के कंप्यूटर कक्ष में लगे 10 कंप्यूटर और प्रोजेक्टर पिछले लंबे समय से धूल फांक रहे हैं, वहीं सोलर सिस्टम खराब होने के कारण डीप बोरिंग पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे पानी की किल्लत हो रही है.
इसके अलावा, सत्र 2026 का आधा समय बीतने को है, लेकिन छात्र-छात्राओं को अब तक पोशाक (यूनिफॉर्म) का वितरण भी नहीं हो सका है.
गणित, अंग्रेजी, विज्ञान व संताली के शिक्षक नहीं
विद्यालय में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और संताली जैसे मुख्य विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं. स्वीकृत 17 पदों के मुकाबले मात्र 10 नियमित व घंटी आधारित (घंटों के हिसाब से पढ़ाने वाले) शिक्षक कार्यरत हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित है.
50 बेड का छात्रावास जर्जर
स्कूल परिसर में वर्ष 2005-06 में बना 50 बेड का छात्रावास पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जबकि 2008-09 में बना 100 बेड का भवन भी मरम्मत की राह देख रहा है. जर्जर भवनों के कारण छात्रों की सुरक्षा पर हर समय खतरा मंडरा रहा है. विद्यालय की समस्याओं को लेकर प्रत्येक माह प्रबंधन समिति की बैठक होती है. इसके माध्यम से सभी मुद्दों से जिला एवं प्रखंड कल्याण विभाग को लगातार लिखित रूप से अवगत कराया जाता है. – रामनरेश प्रसाद, प्रभारी प्रधानाध्यापक
हम विद्यालय और छात्रावासों की समस्याओं से अवगत हैं. 200 बेड वाले छात्रावास की मरम्मत हो चुकी है, जबकि जर्जर हो चुके अन्य भवनों और 50 बेड वाले छात्रावास की रिपोर्ट विभाग को भेजी गयी है. शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है. –
