East Singhbhum News : लोकनृत्य से जीवंत हुई आदिवासी संस्कृति

घाटशिला. टुसू मेला व बूढ़ीगाड़ी प्रतियोगिता आयोजित, ग्रामीणों की उमड़ी भीड़

घाटशिला. घाटशिला के केंदोपुशी गांव में मेला कमेटी की ओर से विराट टुसू मेला एवं बूढ़ीगाड़ी नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. मेला स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों की थाप और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया. बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे कार्यक्रम के साक्षी बने. मुख्य अतिथि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तापस चटर्जी थे, जबकि सम्मानित अतिथियों में कन्हैया शर्मा, शेखर नायक, सिमंत पाल, कमल सीट, जितेंद्र नाथ सीट, अशोक विषई, नटवर पाल सहित अन्य शामिल हुए. आयोजन की सफलता में सचिव हपना टुडू, सह सचिव नरेश चंद्र महाकुड़ तथा गोपी नाथ हांसदा, माझी बाबा बाइजू टुडू, जोग माझी शिलु टुडू, गडेत बास्ता टुडू, दिनानात सरदार, लीलू सबर, निताई पातर, मंगल कालिंदी, खुरेंद्र सबर, ललित सबर, हपना मांडी, ताला टुडू, सुपाई टुडू, राजकुमार पातर सहित कमेटी सदस्यों की अहम भूमिका रही.

ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलता है मंच : तापस

मुख्य अतिथि तापस चटर्जी ने कहा कि टुसू मेला और बुड़ीगाड़ी जैसे आयोजन हमारी लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं. ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिलता है और परंपराएं सुरक्षित रहती हैं. टुसू प्रतिमा रखूं नृत्य दल में प्रथम काकड़ाजोर (पश्चिम बंगाल), द्वितीय दीधा चापड़ी (घाटशिला) और तृतीय पुनगोड़ा रहा. बुड़ीगाड़ी नृत्य दल में प्रथम जाहेरगुटु, द्वितीय पाहाड़पुर और तृतीय कानीमोहली घोषित हुए. सभी टुसू प्रतिमाओं और नृत्य दलों को मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया. दिनभर चले कार्यक्रम में नृत्य, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों के साथ उत्सव का माहौल बना रहा, वहीं देर शाम तक दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही.

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Author: AKASH

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