East Singhbhum News : सुविधाओं के अभाव में प्रभावित हो रहीं पर्यटन संभावनाएं

मऊभंडार : रत्मोहना-घाघराडीह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों से भरपूर

घाटशिला. मऊभंडार का रत्मोहना-घाघराडीह क्षेत्र अपनी नैसर्गिक सुंदरता व ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. सुवर्णरेखा नदी के तट पर स्थित रत्मोहना झरने का कल-कल और छल-छल बहता निर्मल जल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. वहीं, अंग्रेजी शासनकाल में निर्मित स्वर्णरेखा नदी पर बनी पुलिया भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यह क्षेत्र न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों की भी पसंदीदा जगह है. पर्यटकों की आमद से आसपास के दुकानदारों और मछुआरों को रोजगार मिलता है. स्थानीय मछुआरा बिशु धीवर ने बताया कि रोजाना कई पर्यटक यहां आते हैं. काली मंदिर के पास स्थित रत्मोहना झरना विशेष रूप से लोगों को आकर्षित करता है. हालांकि, पर्यटन की व्यापक संभावनाओं के बावजूद क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. स्थानीय दुकानदार सोना धीवर ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि यहां लाइट और शौचालय की व्यवस्था नहीं है. कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं हुआ. उन्होंने यह भी बताया कि नदी किनारे कुछ लोग शराब पीकर गंदगी फैलाते हैं, पर प्रशासन ध्यान नहीं देता. एक पर्यटक ने बताया कि सुवर्णरेखा नदी पर बनी अंग्रेजी शासनकालीन पुलिया और रत्मोहना झरना बेहद खूबसूरत स्थल हैं, लेकिन साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और शौचालय की कमी खटकती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन स्वच्छता, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दे, तो यह स्थान घाटशिला क्षेत्र की बड़ी पहचान बन सकता है.

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Published by: Atul pathak

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