गालूडीह . गालूडीह थाना क्षेत्र की बड़ाखुर्शी पंचायत स्थित गिधिबिल गांव में गुरुवार रात वार्ड सदस्य योगेंद्र महतो की अध्यक्षता में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसमें सर्वसम्मति से गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया. बैठक में विचार-विमर्श के बाद ग्रामीणों ने कड़ा रुख अपनाते हुए गांव में चल रही अवैध देसी महुआ शराब भट्ठियों को तुरंत बंद करने का निर्णय लिया. शराब विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि वे स्वयं बिक्री बंद नहीं करते हैं, तो ग्रामीण एकजुट होकर उत्पाद विभाग को सूचित करेंगे और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से भट्ठियों को ध्वस्त कराएंगे.
शराब से समाज और युवाओं का हो रहा नाश :
ग्रामीणों ने बैठक में नशे के दुष्प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की. चर्चा के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदु सामने आये. गांव के युवा तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है. मेहनत की कमाई शराब में उड़ने से घरों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है. घरेलू हिंसा के कारण परिवार बिखर रहे हैं. नशे के कारण बच्चों के विकास और उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. शराब के कारण होने वाले आपसी लड़ाई-झगड़ों को रोकने के लिए पूर्ण पाबंदी को ही एकमात्र विकल्प माना गया.
ग्रामीणों की एकजुटता से माफियाओं में खौफ :
शराब बंदी को लेकर ग्रामीणों की गोलबंदी ने क्षेत्र के शराब माफियाओं की नींद उड़ा दी है. बैठक में विनोद हांसदा, सुबोध हेंब्रम, खेलाराम हेंब्रम, शत्रुघन हांसदा, राजाराम महतो, मधुसूदन महतो, संतोष राजवार, सरोजित महतो सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे. सभी ने एक स्वर में कहा कि नशामुक्त गांव का निर्माण अनिवार्य है.
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