East Singhbhum News : गुड़ाबांदा प्रखंड के तीनों धान अधिप्राप्ति केंद्र जर्जर, किसानों की चिंता बढ़ी

तीन केंद्रों में दरवाजे टूटे, उखड़ रहा प्लास्टर व जगह की भारी किल्लत

गुड़ाबांदा. गुड़ाबांदा प्रखंड क्षेत्र के तीनों धान अधिप्राप्ति केंद्र जर्जर अवस्था में हैं. भवनों की दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है, खिड़की-दरवाजे टूट रहे हैं और वर्षों से रंगाई-पुताई या मरम्मत तक नहीं हुई है. इन केंद्रों की हालत बदहाल होने के बावजूद देखरेख करने वाला कोई नहीं है. सिंहपुरा पंचायत स्थित ज्वालकाटा लैंपस में कुल 536 पंजीकृत किसान हैं. गोदाम की भंडारण क्षमता 3000 क्विंटल है. इसी तरह आगारपाड़ा पंचायत के बनमाकड़ी लैंपस में 700 किसान पंजीकृत हैं और गोदाम की क्षमता 1000 क्विंटल बतायी गयी है. वहीं फॉरेस्ट ब्लॉक पंचायत स्थित मुड़ाठाकरा लैंपस में 552 पंजीकृत किसान हैं तथा यहां भी 1000 क्विंटल का भंडारण स्थान है. प्रखंड के तीनों लैंपस फिलहाल बंद हैं. ऐसे में किसान उचित समर्थन मूल्य पर धान बेच नहीं पा रहे हैं और उन्हें बाजार में कम दाम पर बिक्री करनी पड़ रही है. गौरतलब है कि पिछले वर्ष विधायक समीर महंती ने बनमाकड़ी लैंपस के उद्घाटन के दौरान कहा था कि केंद्र की जल्द मरम्मत की जायेगी और एक नया लैंपस भी बनाया जायेगा. लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो मरम्मत हुई है और न ही निर्माण शुरू हो पाया है. किसानों का कहना है कि इस बार धान खरीदी शुरू होते ही गोदामों में भंडारण की जगह नहीं बचेगी.

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Published by: Atul pathak

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