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तालसा बाहा महोत्सव में 17 नृत्य दलों ने दी प्रस्तुति
जमशेदपुर.
सुंदरनगर क्षेत्र के तालसा फुटबॉल मैदान में 54वां तीन दिवसीय वार्षिक खेलकूद सह बाहा महोत्सव का आयोजन आदिवासी नवयुवक क्लब व ग्रामसभा तालसा ने किया है. शनिवार को महोत्सव के दूसरे दिन बाहा नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कोल्हान समेत बंगाल व ओडिशा के 17 नृत्य दलों ने भाग लिया. सभी नृत्य दलों ने मनमोहक पारंपरिक बाहा नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें नृत्य दल आरकेबी रायपहाड़ी को प्रथम पुरस्कार दिया गया.नृत्य में द्वितीय पुरस्कार रास्ता रूसिका जियाड़ कुईलीसुता को दिया गया. मौके पर बतौर मुख्य अतिथि कुचूं दिशोम देश परगना बाबा पिथो मार्डी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में यूसिल के डीजीएम मनोरंजन माहली, जुगसलाई तोरोफ परगना दासमात हांसदा, तालसा माझी बाबा दुर्गाचरण मुर्मू व संजीव रंजन मौजूद थे. मुख्य अतिथि पिथो मार्डी ने कहा कि संताल समाज की भाषा-संस्कृति को आगे बढ़ाने में समाज के लोगों को आगे आना चाहिए. समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में युवाओं को सक्रिय भागीदार बनना चाहिए. समाज सशक्त बनाने के लिए शिक्षित होना जरूरी है. इसलिए समाज के हर नागरिक का दायित्व है कि वह शैक्षणिक स्थिति को दुरस्त करने में अपना योगदान दें. कार्यक्रम को सफल बनाने में क्लब के महासचिव वकील हेंब्रम, दरोगा हेंब्रम, रामचंद्र टुडू, भागीरथी मार्डी, साहेब राम मुर्मू, जितेन हेंब्रम, शंकर मुर्मू, अमर माझी, सुधीर बेसरा, शिशु मुर्मू, मनु हेंब्रम, कालीचरण हेंब्रम, सनातन हेंब्रम आदि ने योगदान दिया.
गिदि मेले-मेले, कोयेल हाले डाले नाटक का हुआ मंचन
लक्ष्मण मुर्मू द्वारा लिखित ड्रामा गिदि मेले-मेले, कोयेल हाले डाले का मंचन किया गया. नाट्य कलाकारों ने अपनी कला की बेजोड़ प्रस्तुति दी. अपने अभिनय से लोगों का खूब मनोरंजक किया. वहीं, संताली सिनेमा की अभिनेत्री सह गायिका डोगोर टुडू ने अपने गीतों से समां बांधा. युवाओं ने गीत-संगीत का खूब लुत्फ उठाया.
