फूलडुंगरी से बंगाल सीमा तक 99.85 करोड़ से बनेगी सड़क, भूमिपूजन हुआ

घाटशिला में फूलडुंगरी से बंगाल सीमा तक 24 किमी लंबी सड़क का भूमिपूजन हुआ. 99.85 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क से पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

प्रतिनिधि, घाटशिला

घाटशिला में फूलडुंगरी से झाटीझरना (बंगाल सीमा) तक जाने वाली 24.01 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण व पुनर्निर्माण का दो बार शिलान्यास के बाद गुरुवार को फिर भूमि पूजन किया गया. अक्तूबर, 2024 में तत्कालीन मंत्री रामदास सोरेन और सांसद विद्युत महतो ने शिलान्यास किया, लेकिन वन विभाग से एनओसी और भूमि अधिग्रहण (भू-अर्जन) के पेच के कारण काम बाधित रहा है. इसके बाद फरवरी, 2026 में प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद होली के बाद कार्य शुरू करने की घोषणा की गयी, लेकिन प्रक्रियागत और भूमि विवाद से संबंधित अड़चनें बनी रहीं. गुरुवार को बुरुडीह में सांसद विद्युत वरण महतो और विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने नारियल फोड़कर परियोजना का भूमि पूजन किया. इस अवसर पर पंडित सुशांत पांडेय ने विधि-विधान से पूजा करायी. केंद्रीय सड़क व अवसंरचना निधि के तहत बनने वाली इस सड़क पर 99 करोड़ 85 लाख 42 हजार रुपये की लागत आयेगी.

सड़क बनने से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार बढ़ेगा : विधायक

विधायक सोमेश सोरेन ने कहा कि सड़क का निर्माण उनके बाबा और पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन का सपना था, जो आज धरातल पर उतर रहा है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर रहे हैं. भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार ने 36.93 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान दिया है. विधायक ने जोर देकर कहा कि इस सड़क के बनने से बुरूडीह डैम, धारागिरी जलप्रपात, झांटीझरना, काशीडांगा और हाथीसुरा पहाड़ जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहद आसान होगी. इससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे.

झारखंड-बंगाल का सफर होगा सुगम : सांसद

सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि इस महत्वपूर्ण सड़क की स्वीकृति वर्ष 2022-23 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दी थी. हालांकि प्रारंभिक परियोजना 104 करोड़ रुपये की थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया के बाद इसे 99.85 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग की कुछ मामूली औपचारिकताएं बची हैं, जिन्हें एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जायेगा. सांसद ने इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने में स्वर्गीय रामदास सोरेन के योगदान को भी याद किया.

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

मौके पर पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता देवाशीष सिंह, कनीय अभियंता रूपेश चौधरी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश साव, जिप सदस्य देवयानी मुर्मू, प्रमुख सुशीला टुडू, मुखिया बैजनाथ मुर्मू, पंसस छायारानी साव, सुमित्रा सोरेन, रतन महतो, मो जलील, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन हांसदा, दुर्गाचरण मुर्मू, प्रधान सोरेन, जगदीश भकत समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे.

परियोजना की मुख्य बातें

1. सड़क की लंबाई 24.01 किमी और चौड़ाई 5.50 मीटर होगी.

2. परियोजना की लागत ₹99.85 करोड़, भूमि अधिग्रहण व अन्य मदों के लिए राज्य सरकार ₹36.93 करोड़ खर्च करेगी. 3. लगभग 15 किमी सड़क वन क्षेत्र से होकर गुजरेगी. इसके लिए वन स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

4. परियोजना से संबंधित 11 मौजों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है तथा प्रभावित रैयतों के मुआवजे के लिए राशि उपलब्ध करा दी गयी है.

5. इस पथ से प्रभावित भूमि स्वामियों को मुआवजा भुगतान के लिए 1.25 करोड़ की राशि भू-अर्जुन कार्यालय को उपलब्ध करा दी गयी है.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Mdparwez

Published by: Sweta Vaidya

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >