चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत झरिया गांव निवासी निमाई चांद महतो पिछले छह वर्षों से अपनी वृद्धा पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. जुलाई 2020 से उनका पेंशन बंद है. कई बार प्रखंड कार्यालय में आवेदन दिया परंतु हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला. निमाई ने बताया कि वह गरीब मजदूर है. पेंशन की राशि से उन्हें काफी सहयोग मिलता है. उन्होंने कहा कि राज्य की सरकार तो मदद करना चाहती है परंतु राज्य के अधिकारी गरीबों के दुश्मन बन गए हैं. चाकुलिया प्रखंड की उप प्रमुख कविता साव ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. गरीब छह वर्षों से अपनी पेंशन के लिए भटक रहा है. उप प्रमुख ने प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर निमाई चांद महतो की वृद्धा पेंशन बहाल नहीं की गई और बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ, तो वे प्रखंड कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने को मजबूर होंगी.
छह साल से पेंशन के लिए दर-दर की खा रहे हैं ठोकरें
चाकुलिया के झरिया गांव में एक बुजुर्ग पिछले 6 वर्षों से वृद्धा पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।

निमाई चांद महतो के साथ उपप्रमुख | Prabhat Khabar Network