East Singhbhum News : 800 बीघा में हुई सब्जी की खेती, सिंचाई की सुविधा नहीं

बेहरागोड़ा. सब्जी उत्पादन का गढ़ बना बामडोल गांव, पर सिंचाई के लिए पानी खरीदने को विवश किसान

बहरागोड़ा. बहरागोड़ा प्रखंड की पाथरी पंचायत स्थित बामडोल गांव में इस वर्ष सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर की गयी है. गांव के किसान इन दिनों लगातार खेतों में मेहनत करते नजर आ रहे हैं. इस बार बैंगन, मिर्च, लौकी, बंदगोभी, फूलगोभी सहित विभिन्न सब्जियों की खेती लगभग 800 बीघा भूमि पर की गयी है. यहां के किसान मेहनती और लगनशील माने जाते हैं, जिनकी प्रमुख आजीविका सब्जी की खेती है. मूलभूत सुविधाओं की कमी के बावजूद किसान अपनी मेहनत से अच्छी उपज तैयार कर रहे हैं. किसान पानी खरीदकर खेतों तक सिंचाई व्यवस्था करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हों, तो यह क्षेत्र पूरे राज्य को सब्जियां आपूर्ति करने में सक्षम है.

उद्वह सिंचाई योजना खंडहर बनी, किसान आज भी पानी खरीदने को विवश:

सुवर्णरेखा नदी किनारे बसे बामडोल गांव में 1990 के दशक में किसानों की सुविधा के लिए उद्वह सिंचाई योजना शुरू की गयी थी. लेकिन रखरखाव के अभाव में कुछ वर्षों बाद यह योजना पूरी तरह बंद हो गयी. स्थानीय किसानों का कहना है कि राज्य में कई सरकारें आयीं और गयीं, लेकिन आज तक इस सिंचाई योजना को पुनर्जीवित करने की कोई कोशिश नहीं की गयी. पानी की समुचित व्यवस्था होने पर किसान समय पर और अधिक मात्रा में सब्जियों का उत्पादन कर सकते थे.

वर्षों से हो रही कोल्ड स्टोर निर्माण की मांग :

बामडोल गांव के किसान साल में दो बार बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करते हैं. उत्पादन अधिक होने पर उन्हें सब्जियां औने-पौने दाम में बेचनी पड़ती हैं. कई बार लागत तक नहीं मिलने के कारण सब्जियां खेतों में ही छोड़नी पड़ती हैं. किसानों की वर्षों पुरानी मांग है कि गांव में कोल्ड स्टोर का निर्माण हो, जिससे वे अपनी उपज को खराब होने से बचा सकें. लेकिन अब तक उनकी यह मांग पूरी नहीं हो सकी है. किसानों का आरोप है कि स्थानीय व्यापारी कम मूल्य पर सब्जियां खरीदकर उन्हें बाहरी राज्यों में ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं. यदि कोल्ड स्टोर बन जाए, तो किसानों को उचित मूल्य मिल सकेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

एक सप्ताह में बढ़ेगी सब्जी की आवक

गांव में लगभग एक सप्ताह बाद बड़े पैमाने पर सब्जियों का उत्पादन शुरू हो जायेगा. हालांकि, आंशिक रूप से तुड़ाई अभी से शुरू हो चुकी है. वर्तमान में उत्पादन कम होने के कारण स्थानीय बाजार में सब्जियों के दाम काफी ऊंचे हैं, लेकिन उत्पादन बढ़ने के बाद कीमतों में गिरावट आने की संभावना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Atul pathak

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >