प्रतिनिधि, पटमदादलमा आंचलिक सुरक्षा समिति (सेंदरा) के केंद्रीय महासचिव रामकृष्ण महतो ने क्षेत्र में सक्रिय नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है. उन्होंने कहा कि भटके हुए लोग राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर अपने परिवार के साथ सम्मानजनक व बेहतर जीवन की शुरुआत कर सकते हैं. रामकृष्ण महतो ने हाल में आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सली वर्षा उर्फ पुष्पा को बधाई देते हुए इसे सही निर्णय बताया. उन्होंने जानकारी दी कि गरीब परिवार की वर्षा मात्र 11 वर्ष की उम्र में अपने चाचा के बहकावे में आकर संगठन से जुड़ी थी. 25 साल जंगलों में बिताने के बाद उसके लौटने से परिवार उत्साहित है. महतो ने वर्षा के इस कदम को एक संदेश बताते हुए दलमा क्षेत्र में सक्रिय रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन, मीता, सागर और मदन से भी हथियार छोड़ने की अपील की.
लेवी मामले के बाद सुरक्षा बल मुस्तैद, कई कैंपों में तैनातीदूसरी ओर, दलमा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा पेट्रोल पंप संचालक से लेवी मांगे जाने और बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिसिया अभियान तेज कर दिया गया है. पटमदा व बोड़ाम थाना क्षेत्र के कोंकदासा, चिमटी, बोटा, नूतनडीह और आमदापहाड़ी समेत कई इलाकों में पुलिस लगातार छापामारी और एंबुस अभियान चला रही है. नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए वर्षों से खाली पड़े भुईयासीनान कैंप समेत डांगरडीह और दलमा गेस्ट हाउस में झारखंड जगुआर व कोबरा बटालियन के जवान तैनात किए गए हैं. वहीं, हलुदबनी और चामटा कैंप में सेफ के जवानों को उतारा गया है जो लगातार मोर्चे पर डटे हैं.
