East Singhbhum News : पेसा कानून के लिए आंदोलन करने वाले बरसा मार्डी को महाल ने किया नमन

माझी बाबा बरसा मार्डी को कुइलीसूता माझी आखड़ा में श्रद्धांजलि, पेसा कानून लागू होने पर जतायी खुशी

घाटशिला.

परंपरागत स्वशासन व्यवस्था पूर्वी सिंहभूम माझी परगना महाल के घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष सह देश विचार सचिव बहादुर सोरेन के नेतृत्व में मुसाबनी प्रखंड के चेतान कुइलीसूता माझी आखड़ा में बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता माझी बाबा केनाराम ने की. बैठक की शुरुआत में उपस्थित लोगों ने स्व. माझी बाबा बरसा मार्डी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा. वक्ताओं ने कहा कि स्व. बरसा मार्डी ने आदिवासी समाज के अधिकारों और पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया. पेसा कानून को 24 दिसंबर 1996 को पांचवीं अनुसूची वाले 10 राज्यों में लागू करने के आंदोलन में स्व. बरसा मार्डी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. वे आंदोलनकारियों के साथ दिल्ली के राजघाट में 11 दिनों तक अनशन पर भी बैठे थे. अब राज्य में पेसा कानून लागू होने से उनके सपनों को साकार रूप मिला है. माझी परगना महाल की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा 23 दिसंबर 2025 को आयोजित कैबिनेट बैठक में पेसा कानून पारित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया गया और इसके लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया. इस अवसर पर माझी बाबा केनाराम माडी, लाल मुर्मू, लाखाई बास्के, सावना हांसदा, भीमा मुर्मू, अर्जुन माडी, मो. गुलाम, आंता सोरेन, निमाई हेम्ब्रम, शिनू सोरेन, नागी मुर्मू, मुनी बास्के, सरका मुर्मू, गंगामनी मुर्मू, विशाल हांसदा, पूर्णिमा माझी, छीता माडी, हिंदूचरण मार्डी, दानगी मार्डी, सुकुल मुर्मू समेत कई लोग उपस्थित थे.

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Published by: Akash

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