East Singhbhum News : भाजपा नेता की संलिप्तता से जमीन के साथ राजनीतिक सांठगांठ का भंडाफोड़

दोनों से पुलिस ने दो दिनों तक गालूडीह थाना में रखकर गहनता से पूछताछ की

गालूडीह. तारापद महतो हत्याकांड में पुलिस ने जेल में बंद जितेंद्र दुबे और पिछले दिनों कोर्ट में सरेंडर करने वाले हत्या के आरोपी जगन्नाथ गोराई को मंगलवार को रिमांड पर लिया था. दो दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने पर गुरुवार को दोनों को मेडिकल जांच कराने के बाद फिर से जेल भेज दिया गया. दोनों से पुलिस ने दो दिनों तक गालूडीह थाना में रखकर गहनता से पूछताछ की. इससे तारापद महतो हत्याकांड से जुड़े कई अहम सुराग पुलिस को मिले. इसी पूछताछ से भाजपा के जिला महामंत्री गालूडीह निवासी हराधन सिंह की भी इस हत्याकांड में संलिप्तता पायी गयी. इसकी पुष्टि पुलिस ने की है. रिमांड पर लिए गये आरोपियों से जो सुराग मिले हैं, उसी आधार पर पुलिस इस हत्याकांड में आगे की जांच शुरू कर दी है. इधर इस हत्याकांड में भाजपा नेता की संलिप्तता उजागर होने से जमीन के साथ-साथ राजनीतिक सांठगांठ का भी भंडाफोड़ हुआ है.

जमीन माफियाओं की राजनीतिक गठजोड़ से अपराध लगा है बढ़ने

डिमना से लेकर घाटशिला तक हाईवे किनारे समेत अन्य जगहों पर पिछले कई वर्षों से जमीन का बड़ा कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. अधिकांश जमीन माफियाओं की राजनीतिक गठजोड़ है. इसी गठजोड़ से अपराध अब बढ़ने लगा है. इसका ताजा उदाहरण तारापद महतो हत्याकांड है. तारापद महतो से विवाद के बाद जितेंद्र दुबे समेत चार पहले जेल गये थे. फिर नवंबर में तारापद के साथ मारपीट में हराधन सिंह और दीपक राय जेल गये थे. हराधन सिंह के जेल से निकलने के बाद ही तारापद महतो की हत्या हो गयी. हत्याकांड के बाद जब दो आरोपी पहले पकड़े गये थे. उससे पुलिसिया पूछताछ से यह खुलासा हुआ था कि तारापद महतो हत्याकांड की साजिश घाटशिला जेल में रची गयी थी.

तारापद महतो का जितेंद्र दुबे से जमीन का विवाद चल रहा था

तारापद महतो भी पहले भाजपा के कार्यकर्ता थे. जिन पर संलिप्तता का आरोप लगा वह भी भाजपा से जुड़े हैं. दूसरी ओर तारापद महतो का जितेंद्र दुबे से जमीन विवाद चल रहा था. जमीन विवाद और राजनीतिक गठजोड़ के तहत हत्याकांड की साजिश घाटशिला जेल में रची गयी थी. इसका खुलासा पुलिस ने पूर्व में कर चुकी है. हराधन सिंह को पुलिस ने इस मामले में आरोपी बनाकर बुधवार शाम को जेल भेज दिया.

– दो दिनों की रिमांड अवधि पूरी होने पर जितेंद्र दुबे और जगन्नाथ गोराई को गुरुवार को फिर जेल भेज दिया गया. दोनों से जो तथ्य मिले हैं. उसी आधार पर पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है. जिनकी संलिप्तता उजागर हो रही उस पर पुलिस कार्रवाई कर रही है.

– अजित कुमार कुजूर

, एसडीपीओ, घाटशिला

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By ATUL PATHAK

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