साकची में भिड़े कांग्रेस और भाजपा नेता-कार्यकर्ता, 1 घंटा तक चला हंगामा

Jamshedpur News: कांग्रेस नेता ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाते हुए इडी के इस्तेमाल का विरोध कर रहे थे. वहीं, जिला भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान करीब एक घंटा तक हंगामा होता रहा, ट्रैफिक पर भी असर पड़ा.

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस ने गुरुवार को साकची में जोरदार प्रदर्शन किया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नेशनल हेराल्ड मामले में इडी की ओर से सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ इडी की ओर से दाखिल आरोप पत्र को खारिज किये जाने को बड़ी जीत बताया. कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता साकची आमबागान के पास से जुटे. वहां से भाजपा कार्यालय की ओर पैदल मार्च करते हुए बढ़े.

पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने की थी बैरिकेडिंग

कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए साकची बंगाल क्लब को पार कर भाजपा के जिला कार्यालय की ओर बढ़ने लगे. पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी, जिसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गिरा दिया और आगे बढ़ने लगे. इसी दौरान बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता आ गये. दोनों दलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गयी.

  • भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे कांग्रेसी
  • पुलिस की ओर से की गयी बैरिकेडिंग गिराकर आगे बढ़े कांग्रेस कार्यकर्ता
  • भाजपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर कांग्रेसियों का किया विरोध

वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे लगा रहे थे कांग्रेसी

कांग्रेस नेता ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाते हुए इडी के इस्तेमाल का विरोध कर रहे थे. वहीं, जिला भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान करीब एक घंटा तक हंगामा होता रहा, ट्रैफिक पर भी असर पड़ा.

Jamshedpur News: पुलिस ने कांग्रेस-भाजपा के टकराव को रोका

भाजपा जिला कार्यालय के बाहर जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा समेत तमाम नेता जुटे हुए थे. काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता वहां मौजूद थे. दोनों पार्टी के नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गयी, जिसे पुलिस ने नाकाम किया. भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा वहां पहुंचे और कांग्रेस के खिलाफ नारा लगा रहे अपने कार्यकर्ताओं को ले गये, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह बीच सड़क पर धरना पर बैठ गये, कुछ देर बाद मामला शांत हुआ.

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प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसियों में ये लोग भी थे शामिल

प्रदर्शन में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजीव मिश्रा, रजनीश सिंह, अमित श्रीवास्तव, राकेश साहू, शिबू सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे. भाजपा की ओर से कुलवंत सिंह बंटी, राजकुमार श्रीवास्तव, अमित अग्रवाल, पवन अग्रवाल, संजीव सिंह, बबुआ सिंह समेत कई अन्य नेता-कार्यकर्ता थे.

भाजपा की ओछी मानसिकता सामने आयी – जिलाध्यक्ष

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस का झंडा फाड़कर, ओछी मानसिकता का परिचय दिया है. हमें उनसे वैसे ही उम्मीद थी. उन्होंने तिरंगा को 52 सालों तक सम्मान नहीं दिया, किसी राजनीतिक पार्टी के झंडे को क्यों सम्मान देंगे. भाजपा लोकतंत्र विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी है. कांग्रेस के कार्यकर्ता महात्मा गांधी के विचारों पर चलने वाले लोग हैं.

कांग्रेस कार्यकर्ता डरने या दबने वाले नहीं – राजीव मिश्रा

कांग्रेस के जिला मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता राजीव मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और हमारे कार्यकर्ता डरने या दबने वाले नहीं हैं. लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का हर सिपाही हर परिस्थिति में पूरी मजबूती और साहस के साथ खड़ा है. भाजपा नेता अपनी भाषा और आचरण पर संयम रखें. राजनीति में असहमति हो सकती है, लेकिन मर्यादा और सभ्यता का पालन अनिवार्य है. भाजपा इसी प्रकार उकसावे और हिंसक मानसिकता को बढ़ावा देती रही, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध करेगी.

कांग्रेस न्यायपालिकाका मजाक उड़ा रही है – भाजपा

कांग्रेस के प्रदर्शन और पूरे घटनाक्रम पर जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को कोर्ट से क्लीन चिट नहीं मिली है, बल्कि केवल तकनीकी आधार पर अस्थायी राहत मिली है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच जारी है और आगे भी जांच संभव है, कांग्रेस जानबूझकर कोर्ट की तकनीकी राहत को ‘मामला खत्म’ होने की तरह प्रचारित कर रही है. इससे न्यायपालिका का भी खुला अपमान हो रहा है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही है, बार-बार झूठ बोलो और लोगों को भ्रमित कर अपनी राजनीति करो. कांग्रेस अगर हमारे कार्यालय तक आने की कोशिश करेगी, तो उसे करारा जवाब दिया जायेगा.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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