East Singhbhum News : शिलान्यास हुआ पर सड़क नहीं बनी, जलजमाव से बेहाल घाटशिला

हल्की बारिश में तालाब में तब्दील हो जाती है घाटशिला का सड़कें, घरों व दुकानों में घुस जाता है पानी

घाटशिला. घाटशिला शहर की मुख्य सड़क के निर्माण की स्वीकृति तो मिली गयी है, शिलान्यास भी हो चुका है, पर बनेगी कब इसका कोई अता-पता नहीं हैं. वर्तमान में मुख्य सड़क बदहाल है. जल जमाव से जनता और व्यवसायी परेशान हैं. बारिश होने से सड़क तालाब बन जाती है. दुकानों और घरों में बारिश का पानी घुस जाता है. घाटशिला और आसपास के क्षेत्रों में सड़क निर्माण होना है, पर कब बनेगी इसका कोई पता नहीं है. इसका खामियाजा घाटशिला वासी और व्यवसायी भुगत रहे हैं.

2018 में सड़क और नाली का हुआ था निर्माण

वर्ष 2018 में घाटशिला क्षेत्र में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से सड़क और नाली का निर्माण कराया गया था. पर पथ निर्माण विभाग द्वारा नाली निर्माण के लिए समुचित योजना नहीं बनायी गयी. इसका खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है. घाटशिला प्रखंड के गोपालपुर फाटक के सामने, शहीद दिलीप बेसरा चौक, दाहीगोड़ा सुवर्णरेखा नर्सिंग होम के निकट, गोपालपुर बस्ती, यूबीआई बैंक तक जाने वाला मार्ग, काशीदा प्राइमरी स्कूल तथा पुराना अनुमंडल अस्पताल के पास इन सभी इलाकों में जल जमाव होने से राहगीरों, स्थानीय लोगों, व्यवसायी तथा खासकर विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने कहा कि पथ निर्माण विभाग केवल सड़क निर्माण पर ध्यान देता है, लेकिन नाली की उचित योजना और सफाई की अनदेखी की जाती है. नतीजा यह होता है कि हल्की बारिश में सड़कों पर पानी भर जाता है. दुकानों व घरों में पानी घुस जाता है. स्थानीय लोगों ने कहा कि जल जमाव से सड़कों की हालत खराब हो जाती है. सड़कें टूटने लगती हैं. इससे सरकार को भी आर्थिक नुकसान होता है.

क्या कहते हैं घाटशिला के व्यवसायी व आम लोग

वर्ष 2018-19 में सड़क का निर्माण हुआ. इस दौरान पुराने नालों को भर दिया गया. बिना समुचित योजना के नये नालों का निर्माण कर दिया गया. जल निकासी का समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है. – सुबोध सिंह, व्यवसायीमैं गोपालपुर का निवासी हूं. हमलोग कई वर्षों से यहां रह रहे हैं. सड़क निर्माण के दौरान ही विभागीय अधिकारियों ने जल निकासी की ओर ध्यान नहीं दिया. इस कारण बरसात के समय सारा पानी सड़क पर बहता रहता है. पूरा गोपालपुर जलमग्न हो जाता है. – निरंजन सिंह, गोपालपुर निवासी

घाटशिला शहर में इस तरह से सड़क का निर्माण हुआ कि सड़क ऊंची हो गयी और बारिश के समय सारा पानी दुकानों में घुस जाता है. इससे व्यापारी वर्ग को काफी परेशानी होती है. विभागीय अधिकारियों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है. – दीपू कर्मकार, स्थानीय निवासीघाटशिला में सड़क निर्माण के बाद ऐसी स्थिति बन गयी थी कि मेरी दुकान के सामने सड़क पर लगातार पानी बहता रहता था. मैंने खुद हजारों रुपये लगाकर सड़क की मरम्मत करायी. नाली का निर्माण अब तक तीन बार हो चुका है, फिर भी समस्या का हल नहीं हुआ. – शमशाद खान, दुकानदार

घाटशिला में ऐसी सड़क बनी कि सड़क तो उंची हो गयी, लेकिन दुकान और मकान नीचे रह गये. नतीजा यह है कि हल्की बारिश में ही दुकानों और घरों में पानी घुस जाता है. इस समस्या पर विभागीय अधिकारियों ने बिल्कुल ध्यान नहीं दिया. – नरेश महतो, घाटशिला

पदाधिकारी के बोल

घाटशिला शहर में जहां-जहां जल जमाव की समस्या है, उन सभी स्थानों का एक दिन अपने स्तर से निरीक्षण करेंगे. इसके बाद वरीय पदाधिकारियों से इस मामले में बातचीत कर जलजमाव की समस्या का समाधान निकाला जायेगा. – अफरोज आलम, जेइ, पथ निर्माण विभाग, घाटशिला

प्रखंड प्रमुख बोलीं

वर्ष 2023-24 में पंचायत समिति से नाली सफाई के लिए साढ़े 9 लाख रुपये की योजना स्वीकृत हुई थी, अब तक केवल लगभग साढ़े 3 लाख रुपये ही खर्च किए गये हैं. इस योजना के तहत गोपालपुर से राजस्टेट तक नाली की सफाई होनी थी, जो अब तक अधर में लटकी हुई है. जो राशि बची है उससे सफाई होनी चाहिए. – सुशीला टुडू, प्रमुख, घाटशिला

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Author: ANUJ KUMAR

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