प्रतिनिधि, चाकुलिया
चाकुलिया नगर पंचायत के गोविंदपुर में लगभग 1.25 करोड़ की लागत से बन रहा फैकल स्लज ट्रीटमेंट (एफएसटी) प्लांट शुरू होने से पहले भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. निर्माण शुरू हुए 3 वर्ष बाद और निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद प्लांट अब तक अधूरा है.
शुरू होने से पहले ही जर्जर हुई दीवारें और टंकियां
प्लांट परिसर में निर्मित ईंट की दीवारों, सीढ़ियों और बड़ी-बड़ी टंकियों (टैंकों) में चारों तरफ गहरी दरारें आ गयी हैं, जिससे निर्माण कार्य के पूर्ण होने से पहले ही इसके ढहने की स्थिति बन गयी है. संवेदक द्वारा की जा रही इस अनियमितता और घटिया निर्माण से स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष है.
डीपीआर में विभागीय त्रुटि, शेड के लिए दोबारा होगा टेंडर
योजना में एक बड़ी विभागीय लापरवाही भी उजागर हुई है. डीपीआर तैयार करते समय विभागीय अधिकारियों ने टंकियों को खुला ही छोड़ दिया, जबकि नियमानुसार इन्हें ढंक कर रखना अनिवार्य है. नगर पंचायत के उपाध्यक्ष राजकुमार मिश्रा ने बताया कि अब टंकियों को ढकने के लिए शेड निर्माण का अलग से टेंडर निकाला जाएगा.
मानव मल से बनानी थी खाद
प्लांट का मुख्य उद्देश्य नगर पंचायत क्षेत्र के घरों से निकलने वाले मानव मल (सॉलिड वेस्ट) का प्रसंस्करण कर उसे जैविक खाद में बदलना है, ताकि किसान इसका उपयोग खेती में कर सकें. इस योजना का निर्माण सीमैक हाई टेक कंपनी द्वारा किया जा रहा है. अनुबंध के अनुसार संवेदक को निर्माण के साथ-साथ अगले 5 वर्षों तक मल इकट्ठा कर खाद बनाने की जिम्मेदारी निभानी है.
योजना स्थल से गायब है योजना बोर्ड
निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना/डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगाया गया है. इसके कारण कार्य शुरू होने की तिथि, पूर्ण होने की तिथि और प्राक्कलन राशि जैसी पारदर्शी जानकारियां सार्वजनिक नहीं हो सकी हैं.
एफएसटी प्लांट नगर पंचायत की महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है. संवेदक द्वारा बरती जा रही लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मैं स्वयं निर्माण स्थल पर जाकर पूरे मामले की बारीकी से जांच करूंगा और दोषी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.- राजकुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष, नगर पंचायत चाकुलिया
