प्रतिनिधि, डुमरिया
डुमरिया प्रखंड के प्रशासनिक पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण नया सीएचसी भवन बनकर कई माह से तैयार होने के बाद यहां सिर्फ बिजली विभाग द्वारा बिजली संयोजन नहीं किए जाने से आज तक डुमरिया सीएचसी का नया भवन संचालित नहीं हो पा रहा है. सीएचसी वर्त्तमान में एक जर्जर भवन में संचालित किया जा रहा है. लगभग एक करोड़ की लागत से भालुकपातड़ा में 30 बेड का सीएचसी भवन बनकर तैयार है. बस अब बिजली विभाग से बिजली संयोजन बाकी है. एक छोटा काम के लिए डुमरिया प्रखंड के 90 गांव के लोग जर्जर सीएचसी भवन में इलाज कराने को अभिशप्त हैं. अभी जहां सीएचसी संचालित हैं वह कभी डुमरिया का प्रखंड का मुख्यालय हुआ करता था. वह जर्जर होने के कारण प्रखंड मुख्यालय स्थानांतरित हुआ और उसी खाली पड़े जर्जर भवन में अब सीएचसी चल रहा है. यह डुमरिया के लिए दुर्भाग्य की बात है. यहां कई बार छज्जा गिरने से कई बार मरीज व कर्मचारी घायल हुए हैं. पर प्रशासन और जन प्रतिनिधि इस दिशा में कोई ठोस पहल के बजाय पूरी तरह मौन हैं.
