गालूडीह . दारीसाई स्थित कृषि विज्ञान सह क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र परिसर में मंगलवार को जिला स्तरीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी लगायी गयी. इसमें जिले के 11 प्रखंडों से सैकड़ों किसान अपने उत्पाद के साथ शामिल हुए. जिला कृषि विभाग और आत्मा परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेला का उद्घाटन मुख्य अतिथि घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने दीप जलाकर किया. विधायक ने कहा कि राज्य सरकार कृषि पर बेहतर काम कर रही है. कृषि मेला के माध्यम से कृषि से संबंधित जानकारी गांवों तक पहुंचा रही है. इसके बाद तीन दिवसीय किसान मेला लगाया जायेगा. मेला में हर तरह का स्टॉल लगेंगे. विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी. हमें मड़ुआ (रागी) समेत तमाम मोटे अनाज को बढ़ावा देने की जरूरत है. इससे किसानों के हालात बदलेंगे. मड़ुवा उगाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. किसान धान के साथ मड़ुवा की खेती करें. झारखंड की मिट्टी में पीएच लेवल बहुत अच्छा है. यहां कोई भी फसल उगायी जा सकती है. किसान मेडिसिन पौधे लगाकर आय कर सकते हैं. बहुत जल्द घाटशिला में फ्रेश फिश कल्चर (मीठे पानी में मछली पालन) शुरू करेंगे.
जिले के पदाधिकारी व कृषि वैज्ञानिक हुए शामिल
किसान मेला में घाटशिला के एसडीओ सुनील चंद्र, बीडीओ यूनिका शर्मा, जिला कृषि पदाधिकारी विवेक बिरुवा, जिला उद्यान पदाधिकारी अनिमा लकड़ा, जिला मत्स्य पदाधिकारी अल्का पन्ना, भूमि संरक्षण पदाधिकारी अर्चना तिर्की, आत्मा उप परियोजना निदेशक गीता कुमारी, जिप सदस्य देवयानी मुर्मू, प्रमुख सुशीला टुडू, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र सह निदेशक डॉ एन सलाम, केवीके प्रधान सह वरीय डॉ जयंत लाल, डॉ सीमा सिंह, डॉ सुरेंद्र मुंडा, डॉ राकेश रंजन, डॉ देबाशीष महतो, डी रजक, शंभु शरण, बृजेश कुमार, शशिकला महतो समेत अन्य शामिल हुए.कृषि प्रदर्शनी : 24 श्रेणियों में 72 किसान पुरस्कृत, लंबी लौकी आकर्षण का केंद्र
मेला में सैकड़ों किसानों ने अपने उत्पाद की प्रदर्शनी लगायी. इनमें फसल, सब्जी, फल, फूल, दलहन, तिलहन शामिल रहे. अतिथियों व कृषि वैज्ञानिकों ने प्रदर्शनी देखी. उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 24 श्रेणी में 72 किसानों को पुरस्कृत कर प्रशस्ति पत्र दिये गये. किसान मेला में सबसे लंबी लौकी आकर्षण का केंद्र रही. इसे देखने लोगों की भीड़ जुटी. विधायक ने भी लौकी को उठाकर देखा.वैज्ञानिक तरीके से व्यावसायिक खेती करें किसान
किसान मेला में कृषि विभाग, उद्यान, भूमि संरक्षण, बैंक, सहकारिता विभाग, मत्स्य, कृषि विज्ञान केंद्र, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र ने स्टॉल लगाकर किसानों को योजनाओं की जानकारी दी. वहीं किसानों से आवेदन लिये गया. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को रबी और खरीफ की खेती की तकनीकी जानकारियां दीं. किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती की सलाह देते हुए तकनीकी सत्र में वैज्ञानिक डॉ एन सलाम समेत अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने कम लागत में बेहतर खेती के बारे में बताया. कीट व्याधि से बचाव के उपाय बताये. व्यवसायिक खेती पर फोकस करने को कहा, ताकि आय बढ़ सके. डीएओ विवेक बिरुवा ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी.
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