प्रतिनिधि, चाकुलिया श्यामसुंदरपुर पंचायत के धोड़शोल गांव में पिछले दो महीने से सोलर जलमीनार खराब पड़ी है. इस कारण दो टोला के करीब 60-70 परिवारों के सामने गंभीर जल संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि दो महीने पहले आये तेज आंधी-तूफान में जलमीनार का सोलर पैनल उड़ गया था, जिसके बाद से नल से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है. लगभग डेढ़ महीने पहले विभागीय अधिकारियों ने दो-तीन दिनों के भीतर इसे दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था. अधिकारियों के निर्देश पर संवेदक ने काम तो शुरू किया, लेकिन उसे पूरा करने के बजाय महज खानापूर्ति कर छोड़ दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर विभागीय पदाधिकारियों से कई बार बात की गयी, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी न तो सहायक अभियंता और न ही कनीय अभियंता ने गांव का दौरा किया. इस स्थिति में ग्रामीणों को पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. महिलाएं रोज करीब एक किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाने को विवश हैं. ग्राम प्रधान धनंजय महतो, नकुल चंद्र महतो, बिनापानी महतो सहित अन्य ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी धरातल पर आने के बजाय फोन पर ही अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं.
धोड़शोल में दो महीने से जलमीनार खराब, पेयजल संकट से जूझ रहे 70 परिवार
चाकुलिया के धोड़शोल गांव में दो महीने से जलमीनार खराब है, जिससे 70 परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। महिलाएं एक किमी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।

फोटो: खराब पड़ा सोलर जलमीनार | Prabhat Khabar Network