East Singhbhum News : रानी झरना के नौ सबर परिवार सरकारी योजनाओं से हैं वंचित

पटमदा. रानी झरना नाला पर पुल नहीं बनने से परेशानी बढ़ी

पटमदा. पटमदा की गोबरघुसी पंचायत के रानी झरना गांव में रहने वाले 9 सबर परिवार आज भी सरकार की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. दलमा के बीहड जंगल में रहने वाले आदिम जनजाति परिवार के लिए दलमा से निकलने वाली प्राकृतिक रानी झरना में पुलिया का निर्माण नहीं होने से बारिश के दिनों में पानी के तेज बहाव होने से गांव के लोग ब्लॉक से कट जाते हैं. गांव से दो किमी दूर लड़ाइडुंगरी स्कूल में बच्चों का आना-जाना बंद हो जाता है. इस दो किमी में सड़क तक की सुविधा नहीं है. गांव में 9 परिवार रहते हैं. इसमें कार्तिक सबर, नेपाल सबर, बलराम सबर, मंगल सबर व पिंटू सबर आज भी आवास व शौचालय से वंचित हैं. इन आदिम जनजाति परिवारों का जंगल में पाठशाला है. सबर परिवार अपना भरण पोषण लकड़ी, फूल बेच कर करते हैं.

बच्चों के आधार कार्ड नहीं, स्कूल जाने से है वंचित:

रानी झरना गांव की रहने वाली मंगली सबर ने बताया कि छोटे छोटे बच्चों का आधार कार्ड नहीं रहने के कारण अब तक स्कूल में नामांकन नहीं करा पाए हैं. उन्होंने बताया कि छोटी बच्ची फूलमानी सबर, सोमेंद्र सबर, नागेंद्र सबर, संगीता सबर, सुकू सबर का अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाया है.

भीम सबर व शांति सबर की मौत के बाद से घर में लगे हैं ताले :

रानी झरना गांव के रहने वाले भीम सबर व उनकी पत्नी शांति सबर कि विगत डेढ़ वर्ष पूर्व बीमारी से मृत्यु हो चुके हैं. दोनों की मृत्यु के बाद उनका एक बेटा एवं चार बेटी अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे हैं और घर पर ताला लगे हुए हैं.

सुसनीगड़िया का ट्रांसफॉर्मर 15 दिनों से खराब

जादूगोड़ा के कुलामारा गांव स्थित सुसनीगड़िया टोला के ग्रामीण पिछले 15 दिनों से बिजली के बिना नारकीय जीवन जीने को विवश हैं. बज्रपात से से गांव में लगा ट्रांसफॉर्मर जल गया. इसके बाद से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है. ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं किया गया है. गांव के 20 से अधिक ग्रामीणों ने एक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन ग्राम पंचायत के मुखिया को सौंपा है. इसमें उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द नया ट्रांसफॉर्मर लगाया जाये. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र इसका समाधान नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे. ज्ञापन में जयदेव भूमिज, विश्वनाथ सिंह, राहुल भूमिज, जमिला भूमिज, कल्पना भूमिज, पुश्पा एलीना भूमिज समेत 20 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैं.

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Author: ATUL PATHAK

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