छोटाबोतला से माड़ोतोलिया तक सड़क बनी जानलेवा, पैदल चलना भी मुश्किल

डुमरिया के छोटाबोतला से माड़ोतोलिया तक की सड़क बदहाल है। गड्ढों और कीचड़ के कारण ग्रामीणों का चलना मुश्किल, प्रशासन से पक्की सड़क की मांग कर रहे हैं लोग।

प्रखंड के सुदूरवर्ती छोटा बोतला से माड़ोतोलिया गांव तक जाने वाली सड़क इन दिनों पूरी तरह से जर्जर और बदहाल हो चुकी है. पूरी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आये हैं और नुकीले पत्थर निकल आये हैं. बारिश ने इस रास्ते को और भी अधिक खतरनाक और जानलेवा बना दिया है. स्थिति यह है कि इस मार्ग से बड़े वाहनों का गुजरना तो दूर, ग्रामीणों का पैदल या साइकिल से भी आना-जाना पूरी तरह दूभर हो गया है. ग्रामीण कई सालों से इस सड़क के पक्कीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है.बड़ाबोतला से लगभग सात किलोमीटर दूर तक बेहद दुर्गम और पहाड़ी रास्ता है. ग्रामीणों ने बताया कि जब इस पूरे क्षेत्र में नक्सलियों का दबदबा और खौफ चरम पर था, उस समय प्रशासन की ओर से इस सुदूर गांव तक पक्की सड़क बनाने की मांग ने काफी जोर पकड़ा था. सुरक्षा बलों की आवाजाही और विकास का भरोसा देने के लिए योजनाएं भी बनीं. लेकिन, जैसे ही यहां के सक्रिय नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटकर सामूहिक आत्मसमर्पण कर दिया, उसके बाद से इस सड़क के निर्माण कार्य की सुगबुगाहट पूरी तरह बंद हो गयी.

बरसाती नाला बना आफत, मलेरिया जोन में एंबुलेंस पहुंचना भी मुश्किल

यह पूरा इलाका स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से 'मलेरिया जोन' के अंतर्गत आता है, जिससे यहां अक्सर चिकित्सा आपातकाल की स्थिति बनी रहती है. जर्जर सड़क के बीच रास्ते में एक बरसाती नाला पड़ता है, जो भारी बरसात के दिनों में उफान पर आ जाता है. इसके कारण माड़ोतोलिया गांव का संपर्क मुख्य प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है. आपातकाल में गांव तक एंबुलेंस का पहुंचना नामुमकिन हो जाता है. ग्रामीणों के पास बाकड़ाकोचा गुड़ा होते हुए डुमरिया आने का एक वैकल्पिक रास्ता तो है, लेकिन इसके लिए उन्हें लगभग 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है.

इस साल भी आस टूटी, अब ठोस रणनीति बनायेंगे ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि इस साल भी इस सड़क के बनने की कोई उम्मीद नहीं बची है, क्योंकि बरसात पूरी तरह दस्तक दे चुकी है. इस मौसम में सड़क निर्माण कार्य की कोई गुंजाइश नहीं है. बुनियादी सुविधाओं से महरूम ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे जल्द ही गांव में बड़ी बैठक आयोजित करेंगे और इस चिरलंबित समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन के खिलाफ एक ठोस व उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे.


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Author: Mdparwez

Published by: Priya Gupta

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