हल्दीपोखर. पोटका के हल्दीपोखर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह 2026 का समापन सोमवार को हुआ. इस कार्यक्रम के अंतिम दिन पंडित उमाशंकर शुक्ल ने गणतंत्र दिवस पर भागवत की आरती व मंगलाचरण के पश्चात, देश के अमर शहीदों के याद करते हुए देश भक्ति भजन के साथ राजा परीक्षित की कथा पूरी कर सुखदेव महाराज की विदाई कर कथा प्रसंग को विराम दिया. अंतिम दिन के आयोजन में झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन शामिल हुये. इस दौरान लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्ति, ज्ञान और आस्था की पराकाष्ठा देखने को मिली. यहां कथावाचक ने भगवान कृष्ण के गृहस्थ जीवन का वर्णन, स्यामंतक की कथा, सुदामा चरित्र, चौबीस गुरुओं की कथा, सुखदेव जी की विदाई, परीक्षित को मुक्ति के कथा का रस पान कराया. महाराज ने कृष्ण सुदामा की कथा के प्रसंग पर कहा की सच्ची मित्रता में अमीर गरीब का भेद नहीं होता, भगवान कृष्ण ने सुदामा का सम्मान कर यह संदेश दिया और कहा कि आदर धन दौलत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है व मुसीबत में मित्र की मदद हमेशा करनी चाहिए. राजा परीक्षित के मुक्ति प्रसंग पर महाराज ने बताया की जीवन अनिश्चित और क्षणभंगुर है. इसलिए समय रहते ईश्वर की भक्ति, सत्संग और श्रीमद् भागवत के श्रवन से ही दुराचार व सांसारिक दुखों से मुक्ति संभव है.
East Singhbhum News : सच्ची मित्रता में अमीर-गरीब का भेद नहीं : पंडित उमाशंकर
श्रीमद् भागवत कथा में महाराज ने सुदामा-कृष्ण और राजा परीक्षित के प्रसंगों से जीवन के मूल्य बताये
