East Singhbhum News : बाहा उत्सव नहीं, आदिवासी संस्कृति की पहचान : रामदास

नरसिंहगढ़ : भाटीसाल में धूमधाम से मना बाहा बोंगा, मांदर-धमसे की थाप पर थिरका आदिवासी समाज

धालभूमगढ़. नरसिंहगढ़ जाहेरगाढ़ भाटीसाल में बाहा बोंगा का आयोजन किया गया. इस मौके पर शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन शामिल हुए. सुबह में नायके भायरो सोरेन द्वारा पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना की गयी. शाम में बाहा नृत्य का आयोजन किया गया. इस मौके पर रामदास सोरेन ने कहा कि बाहा केवल उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा की पहचान है. इस प्रकार के आयोजन से सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारा बढ़ता है. झारखंड सरकार आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है. बाहा पर्व पर जल्द ही अवकाश की घोषणा की जायेगी. सरकार संथाली भाषा एवं लिपि को मजबूती देने के साथ-साथ प्राथमिक विद्यालय से स्नातक स्तर तक संताली भाषा में पढ़ाई करने की पहल कर रही है. पूजा-अर्चना के बाद नायके ने उन्हें मंगलदायक बाहा फूल सौंपा. इस मौके पर भारी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने बाहा नृत्य कर अपनी परंपरा का पालन किया. इस मौके पर अर्जुन हांसदा, मुखिया विक्रम टुडू, चैतन्य मुर्मू, धनपति मुर्मू, विक्रम सोरेन, सुबोध मुर्मू, डीसी सोरेन, कुनाराम टुडू, आरती सामद, लखन मुर्मू, पंसस प्रदीप राय, श्रीमत मुर्मू, रतन मुर्मू, फुलमनी टुडु, जननी टुडु, विनोद चौबे, पुलक नामता, भीम सोरेन, रावण टुडू उपस्थित थे.

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Author: ANUJ KUMAR

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