हल्दीपोखर. पोटका प्रखंड के हल्दीपोखर में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ मंगलवार को विधिवत रूप से हो गया. यहां पहले दिन सुबह को भव्य कलश यात्रा निकाली गयी, तो शाम में कथावाचन हुआ. इससे सुनने के लिये लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. कलश यात्रा हल्दीपोखर के कमल तालाब से पूजा अर्चना के उपरांत गाजे बाजे के साथ निकाली गयी, जिसमें 351 महिलाओं एवं युवतियों द्वारा कलश लाकर कथास्थल पर स्थापित किया गया. यह कलशयात्रा हल्दीपोखर के शिव मंदिर, दुर्गा मंदिर, रंकणी मंदिर, राधा गोविंद मंदिर की परिक्रमा तक का परिक्रमा किया. इस दौरान पुरे क्षेत्र भक्तिमय बना रहा और राधे-राधे की गुंज गुंजायमान रहा. कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ल जी महाराज रथ पर सवार होकर सभी भक्त मंडली का अभिवादन कर रहे थे. शाम को कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ल जी महाराज श्रीमद् भागवत के स्वरूप पर भक्त मंडली से रूबरू होते हुये कहा कि थावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ल जी महाराज श्रीमद् भागवत के स्वरूप पर भक्त मंडली से रूबरू होते हुए बताए श्री कृष्ण ही भागवत है और भागवत ही श्री कृष्ण है. उन्होंने श्रीमद् भागवत का दिव्य महत्व, भगवत स्वरूप भगवान श्री कृष्णा अपने लीलाओं को पूर्ण करने के बाद जब गोलक धाम जाने लगे तो उद्धव जी को चिंता हुयी कि आप चले जाएंगे तो भक्त किसके सहारे रहेंगे, तब भगवान श्री कृष्ण ने अपना निज तेज, निज स्वरूप को भागवत में समाहित कर दिया उसी दिन से श्रीमद् भागवत श्री कृष्ण भगवान का मान मय स्वरूप हो गया. उन्होंने भागवत की महिमा पर प्रवचन देते हुए भागवत क्या है भागवत क्यों श्रवण करना चाहिए इस पर चर्चा करते हुए हल्दीपोखर के भागवत रूपी वृंदावन में भागवत श्रवण कर पुण्य के भागी बनने की बात रखते हुए धुन्धकारी मोक्ष की कथा भी सुनाये. यह कार्यक्रम 26 जनवरी तक चलेगा. कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल, मुखिया देवी कुमारी भूमिज, आयोजक समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नाथ मंडल, सचिव चिंटू अग्रवाल, निलय मंडल, दिलीप राम, विक्की गुप्ता, पोल्टू मंडल, जयप्रकाश राम, पिंटू गुप्ता आदि योगदान दे रहे है.
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