जगन्नाथपुर. गांव में अनहोनी की आशंका ने ग्रामीणों को डराया
मानकीसाई में झाड़-फूंक कराने के लिए तीन दिनों से लगी है लाइन
जगन्नाथपुर : जगन्नाथपुर का ढीपासाई गांव के तीन टोला (आदिवासी टोला, नीचे टोला व लोहार बस्ती) के करीब 500 लोगों की जिंदगी बीते तीन दिनों से अंधविश्वास के अंधकार में ओझिल हो गयी है. दरअसल आदिवासी टोला के सात वर्षीय महेश हेस्सा को डेढ़ माह पूर्व पागल कुत्ते ने काट लिया.
उसका इलाज नहीं होने से रविवार को उसकी मौत हो गयी. अब ग्रामीणों में अंधविश्वास है कि गांव में अनहोनी की आशंका है. इसके बाद ग्रामीण अनहोनी से बचने के लिए अपने परिवार के साथ मानकीसाई गांव में झाड़-फूंक करा रहे हैं. ढीपासाई गांव से ग्रामीण वाहनों से मानकीसाई पहुंच रहे हैं. तीन दिनों से मानकीसाई में झाड़-फूंक के लिए लाइन लगी हुई है.
कुत्ते के काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में फंसे रहे परिजन
आदिवासी टोला निवासी पुनामी हेस्सा ने बताया कि उसके पुत्र को डेढ़ माह पहले पागल कुत्ते ने काट लिया. बच्चे की स्थिति सामान्य थी. इस कारण बालक का इलाज नहीं कराया. मानकीसाई में ले जाकर झाड़-फूंक करवाया. दो बार बच्चे को झाड़-फूंक के लिए ले गये. तीन मार्च को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. रविवार की सुबह उसकी मृत्यु हो गयी.
मेडिकल टीम पहुंची गांव, ग्रामीणों में नहीं मिली बीमारी
ढीपासाई गांव में अंधविश्वास फैलने की सूचना पर मंगलवार को जगन्नाथपुर की विधायक गीता कोड़ा आदिवासी टोला पहुंची. ग्रामीणों ने अज्ञात बीमारी से पीड़ित होने की जानकारी दी. गीता कोड़ा ने सिविल सर्जन को फोन पर गांव में कैंप करने को कहा. सीएस के निर्देश पर जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुशांत मांझी ने मेडिकल टीम गठन कर आदिवासी टोला भेजा. टीम ने गांव का मेडिकल सर्वे किया. ग्रामीणों में कोई बीमारी नहीं पायी गयी.
