सब मान लिये थे बच्चा मर चुका है गंदा पानी निकाला तो रोने लगा
सरायकेला : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को देशभर के सहिया, आशा और अांगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये बात कर रहे थे. जब झारखंड की बारी आयी तो सरायकेला के उरमाल की रहनेवाली सहिया कार्यकर्ता मनिता देवी ने एक घटना की जानकारी पीएम मोदी को दी. इससे पीएम हैरान रह गये. पीएम से बातचीत के दौरान मनिता ने बताया कि वह 2006 से सरायकेला में सहिया का काम कर रही है. मनिता ने बताया कि उसने उरमाल इलाके में रहने वाली मनीषा देवी का प्रसव पूर्व सारी जांच की थी. 27 जुलाई 2018 को रात दो बजे उसे मनीषा के प्रसव पीड़ा के बारे में बताया गया. जब तक मनिता मनीषा के घर पहुंचती, तब तक उनका प्रसव हो चुका था. प्रसव के बाद बच्चा रो नहीं रहा था. घरवाले बोल रहे थे कि बच्चा मरा हुआ है.
पीएम ने दिखायी जिज्ञासा : फिर पीएम ने जिज्ञासावश पूछा कि अच्छा सब लोगों ने मान लिया था कि बच्चा मर चुका है. मनिता ने कहा : जी सर. पीएम ने कहा, अच्छा फिर क्या हुआ. मनिता ने आगे बताया कि जब वह मनीषा के घर पहुंची तो उन्होंने घरवाले से बच्चा दिखाने की जिद की. तब मनीषा के घरवाले बोले कि तुम मृत बच्चा देखकर क्या करोगी. इसके बाद भी मनिता ने बच्चा दिखाने की जिद जारी रखी. मनिता की जिद पर मनीषा के घरवालों ने उसे बच्चा दे दिया. जब बच्चा मनिता की गोद में आया तो उसने देखा कि बच्चे की धड़कन धीरे-धीरे चल रही है.
सक्सन पाइप के जरिए गंदा पानी निकाला : तब मनिता ने जल्दी से एक सक्सन पाइप के जरिए बच्चे के नाक और मुंह से गंदा पानी निकाला और इसके तुरंत बाद बच्चा रोने लगा. मनिता ने कहा कि बच्चे को रोते हुए देखकर मुझे बहुत खुशी हुई. मनिता ने बच्चे की मां को उसे अपना दूध पिलाने को कहा. इसके बाद 108 एंबुलेंस से नवजात और मां को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों का इलाज हुआ.
इसी बच्चे को बचाया था
सहिया मनिता देवी ने
नरेंद्र मोदी ने देश की सहिया, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से की ऑनलाइन बात
मुख्यमंत्री ने भी की तारीफ, सहिया को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज झारखंड की आंगनबाड़ी बहनों से सीधा संवाद किया. प्रधानमंत्री जी ने सरायकेला की सहिया बहन मनिता को एक बच्चे का सही वक्त पर इलाज कर एक नया जीवनदान दिये जाने के पुनीत कार्य के लिए बधाई दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सहिया बहन मनिता ने बच्चे का सही वक्त पर इलाज कर एक नया जीवनदान दिया. बहन मनिता और आंगनबाड़ी में समाज सेवा में जुटी तमाम बहनों को मेरा अभिवादन. अपने लगन और कर्तव्यनिष्ठा से बहन मनिता दूसरे के लिए मिसाल बनी. झारखंड सरकार की ओर से उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी.
