बंद ताम्र खदानें फिर से खोलने पर हो सकता है निर्णय
मुसाबनी : सुरदा खदान के संचालन का ठेका खनिज अन्वेषण निगम लिमिटेड (एमइसीएल) को मिल सकता है. हालांकि अप्रैल 2018 से सुरदा खदान का संचालन एचसीएल खुद कर रही है. हालांकि सुरदा खदान के संचालन की जिम्मेवारी सार्वजनिक क्षेत्र की एमइसीएल को दिये जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. वर्तमान में एमइसीएल राखा कॉपर में डायमंड ड्रिलिंग का काम कर रही है. ज्ञात हो कि एचसीएल और एमइसीएल दोनों खान मंत्रालय के अधीन हैं.
सुरदा खदान की हो रही रंगाई-पुताई
इधर एचसीएल मुसाबनी कंसंट्रेंटर प्लांट और सुरदा खदान की रंगाई-पुताई व सफाई हो रही है. एचसीएल वर्षों बाद मुसाबनी प्लांट व सुरदा शॉफ्ट थ्री की सुधि लेने में जुटा है.
खान सचिव व एचसीएल सीएमडी का दौरा आज से
केंद्रीय खान सचिव अनिल मुकिम और एचसीएल के सीएमडी संतोष शर्मा छह जुलाई (शुक्रवार) को आइसीसी मऊभंडार के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं. जानकारी के अनुसार छह जुलाई की शाम को खान सचिव व एचसीएल के सीएमडी मऊभंडार निदेशक बंगला में आइसीसी प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे. खान सचिव व सीएमडी एमइसीएल के वरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. बैठक में राखा, चापड़ी के साथ सुरदा खदान के मामले में चर्चा होने की संभावना है. सात जुलाई को खान सचिव व सीएमडी सुरदा खदान और मुसाबनी कंसंट्रेंटर प्लांट का दौरा करेंगे. अधिकारियों के साथ बैठक कर सिंहभूम ताम्र पट्टी में बंद पड़ी खदानों के फिर से चालू करने की एचसीएल की योजना को गति देने की संभावना है.
एचसीएल करेगा एक हजार करोड़ का निवेश
फरवरी 2017 में रांची में आयोजित मोमेंटम झारखंड में एचसीएल ने सिंहभूम की ताम्र खदानों को फिर से खोलने व उनके विकास के लिए करीब एक हजार करोड़ रुपये निवेश की बात कही थी. एचसीएल सुरदा खदान का वर्तमान उत्पादन 1200 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 2700 टन प्रतिदिन करने की योजना पर काम हो रहा है. बंद केंदाडीह खदान फिर से चालू करने का काम चल रहा है. 19 से केंदाडीह खदान में व्यवसायिक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है. वहीं सात जुलाई 2001 में बंद राखा कॉपर प्रोजेक्ट फिर से चालू करने के लिए एमइसीएल ताम्र अयस्क के भंडार का पता लगाने के लिए डायमंड ड्रिलिंग का काम कर रही है. एचसीएल फिर से खनन गतिविधियों को बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. बंद खदान व प्रस्तावित खदान चालू होने से तांबा का उत्पादन बढ़ेगा, वहीं क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
