डॉक्टरों की तैनाती नहीं, सिउड़ी जाकर इलाज करते हैं ग्रामीण

ग्रामीणों को इलाज के लिए नजदीकी पश्चिम बंगाल के सिउड़ी के भरोसे रहना पड़ता है. साधारण बीमारी पर भी लोग सिउड़ी पहुंच कर डाक्टर से इलाज कराते हैं.

आमजोड़ा में पीएचसी व एसएचसी से ग्रामीणों को नहीं मिल पाती चिकित्सा सुविधा प्रतिनिधि, रानीश्वर पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे रानीश्वर प्रखंड के आमजोड़ा गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा स्वास्थ्य उपकेंद्र रहने के बावजूद ग्रामीणों को समुचित चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीणों को इलाज के लिए नजदीकी पश्चिम बंगाल के सिउड़ी के भरोसे रहना पड़ता है. साधारण बीमारी पर भी लोग सिउड़ी पहुंच कर डाक्टर से इलाज कराते हैं. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आमजोड़ा में दो डॉक्टर का पद सृजित है. दोनों पद वर्षों से रिक्त है. यहां पदस्थापित एएनएम के भरोसे पीएचसी संचालित हो रहा है. वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र में एक सीएचओ व दो एएनएम पदस्थापित हैं. स्वास्थ्य उपकेंद्र कभी-कभी बंद रहता है. वहीं पीएचसी में लोगों को साधारण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल पाता है. यहां के चिकित्सा पर भरोसा नहीं रहने से तथा सिउड़ी नजदीक होने के कारण अधिकांश लोग सिउड़ी पहुंच कर ही इलाज कराते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि पीएचसी में डाॅक्टर पदस्थापित रहने से कम से कम क्षेत्र के गरीब लोगों को साधारण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल पाता. इसके लिए सरकार से पहल करनी चाहिए. आमजोड़ा में डाॅक्टर पदस्थापित रहने से दिगुली, आमजोड़ा, श्यामसुंदरपुर समेत दर्जनों गांवों के लोगों को चिकित्सा सुविधा मिल पाती. सरकार दो-दो स्वास्थ्य केंद्र के लिए करोड़ों की राशि खर्च कर अस्पताल भवन बनवा दिया है. पर डाॅक्टर व कर्मियों की तैनाती नहीं की जा रही है. ============== आमजोड़ा में डाक्टर का पद रिक्त है. फिलहाल सीएचओ व एएनएम के भरोसे स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा है. डॉ नदियानंद मंडल, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, रानीश्वर फोटो पीएचसी आमजोड़ा व स्वास्थ्य उपकेंद्र आमजोड़ा

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Published by: Anand jaswal

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