रानीश्वर. प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लकड़ाघाटी उर्दू में शनिवार को स्कूल का ताला खुलवाने पहुंचे शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों को ग्रामीणों के विरोध के कारण बैरंग लौटना पड़ा. बीइइओ सह बीआरसी समन्वयक एस्थेर मुर्मू, बीपीओ मोहन ठाकुर, पुलिस अवर निरीक्षक विशाल खलखो पुलिस बल के साथ स्कूल पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर ताला खोलने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. इसके कारण स्कूल का ताला नहीं खुल सका.
पारा शिक्षकों को हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों ने गुरुवार को स्कूल की संयोजिका पर बना हुआ भोजन और भोजन सामग्री स्कूल से ले जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था. साथ ही स्कूल में कार्यरत तीनों पारा शिक्षिकाओं को हटाने की मांग की थी. आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के कार्यालय, रसोईघर और स्टोर रूम में ताला जड़ने के साथ दरवाजों को वेल्डिंग कर सील कर दिया था. शुक्रवार को स्कूल में अवकाश रहने के बाद शनिवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी पुलिस बल के साथ ताला खुलवाने पहुंचे.
तीनों पारा शिक्षिकाओं को हटाने का मिला आश्वासन
अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया. ग्रामीणों की मांग पर बीइइओ एस्थेर मुर्मू ने तीनों पारा शिक्षिकाओं को हटाने का आश्वासन दिया. इसके बावजूद ग्रामीण ताला खोलने के लिए तैयार नहीं हुए. ग्रामीणों ने कहा कि केवल पारा शिक्षिकाओं को हटाने से मामला खत्म नहीं होगा. संयोजिका, रसोइया और स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को भी हटाया जाना चाहिए.
लिखित आवेदन देने को कहा, नहीं खुले रसोईघर के ताले
इस पर बीइइओ ने कहा कि पारा शिक्षिकाओं को हटाने की कार्रवाई की जायेगी, जबकि संयोजिका और एसएमसी अध्यक्ष को हटाने के लिए ग्रामीणों को लिखित आवेदन देना होगा. आवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. बीइइओ ने ग्रामीणों से बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बनाने के लिए रसोईघर का ताला खोलने का अनुरोध भी किया, लेकिन ग्रामीणों ने ताला नहीं खोला.
ताला नहीं खुला तो बच्चों का भोजन भी नहीं बना
स्कूल परिसर में काफी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण जुटे रहे. ग्रामीण अधिकारियों से लिखित आश्वासन की मांग करते रहे. काफी समझाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो बीइइओ, बीपीओ और पुलिस बल को वापस लौटना पड़ा. स्कूल में ताला लटका रहने के कारण शनिवार को बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन भी नहीं बन सका.
