हाइस्कूल में मना जनजातीय गौरव दिवस, दिखी संताली संस्कृति

गौरव दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हुई, जिसमें महान जननायक धरती आबा बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, और तिलका मांझी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया गया.

प्रतिनिधि, मसलिया प्लस टू उच्च विद्यालय में सोमवार को जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया. विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने जनजातीय संस्कृति, परंपरा और वीर नायकों के योगदान को याद करते हुए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. गौरव दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हुई, जिसमें महान जननायक धरती आबा बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, और तिलका मांझी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया गया. विद्यार्थियों ने जनजातीय जीवन और संस्कृति पर आधारित नाटक, नृत्य और गीत प्रस्तुत किया. इनमें सरहुल, बाहा, सोहराय और करमा जैसे प्रमुख आदिवासी पर्वों की झलक देखने को मिली. इन प्रस्तुतियों ने जनजातीय समाज की प्रकृति के प्रति श्रद्धा और सामूहिक जीवन की भावना को सुंदर ढंग से दर्शाया. प्रधानाचार्य डॉ कौशल कुमार ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस हमें आदिवासी नायकों के साहस, संघर्ष और संस्कृति की याद दिलाता है. हमें अपनी परंपराओं को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए. विद्यालय प्रांगण पारंपरिक गीतों और नृत्यों से गूंज उठा, जिससे वातावरण आनंदमय और प्रेरणादायी बन गया. सभी के मन में अपनी संस्कृति और जनजातीय गौरव के प्रति गर्व की भावना भर दी.

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Published by: Anand jaswal

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