Dumka: दुमका जिले के मसलिया थाना क्षेत्र के बाबुडीह गांव स्थित पलाश जंगल में एक अधेड़ व्यक्ति ने मानसिक तनाव के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. मृतक की पहचान सिंगरोंगादी गांव निवासी नकुल महतो (51 वर्ष) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह पिछले पांच-छह दिनों से लापता थे. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका था. जानकारी के अनुसार, कुछ माह पूर्व भी वह दो-तीन दिनों तक घर से बाहर रहे थे और उस दौरान उनका मोबाइल बंद था, हालांकि बाद में वह वापस लौट आए थे.
आर्थिक मंगी बनी आत्महत्या की वजह
परिजनों का कहना है कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था और पिछले कुछ समय से वे मानसिक तनाव से गुजर रहे थे. आर्थिक स्थिति भी खराब चल रही थी और नकुल पर उधारी का बोझ भी बढ़ गया था. रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने पलाश के पेड़ से लटका हुआ शव देखा, जिसके बाद मसलिया थाना पुलिस को सूचना दी गई. घटना की जानकारी मिलने पर डीएसपी (मुख्यालय) इकुड डुंगडुंग, पुलिस निरीक्षक बीरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी राजेश रंजन, एसआई उमेश सिंकू, मंगल उरांव सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे.
जांच में जुटी पुलिस
डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने परिजनों की मौजूदगी में शव को पेड़ से उतारा गया. बताया जा रहा है कि शव कई दिनों पुराना था और उसमें दुर्गंध आने लगी थी. सड़े-गले शव को प्लास्टिक में बांधकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया. पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी है. कर बिंदु पर जांच की जा रही है.
प्रभात खबर की अपील
प्रभात खबर अपील करता है कि आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. किसी भी तरह की मानसिक परेशानी होने पर काउंसेलिंग कराएं. हम किसी भी रूप में आत्महत्या जैसे कदम को गलत मानते हैं और परिवार को भी चाहिए कि जो भी व्यक्ति अवसाद से गुजर रहा हो उसका सही तरीके से मेडिकल काउंसेलिंग कराई जाए.
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