रानीश्वर में लकड़ी माफियाओं की नजर, नियमित काटे जा रहे हरे-भरे पेड़

रानीश्वर में लकड़ी माफियाओं द्वारा जमाबंदी जमीन पर लगे हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई जारी है. वन विभाग की मिलीभगत से हो रहे इस विनाश पर प्रशासन मौन है.

रानीश्वर (दुमका): प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न जमाबंदी जमीनों पर लगे हरे-भरे पेड़ों पर लकड़ी माफियाओं की नजर है. आरोप है कि पिछले कई महीनों से विभिन्न स्थानों पर जीवित पेड़ों की लगातार कटाई की जा रही है. पेड़ों को मशीन से काटकर ट्रकों के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है.

बाहर ऊंचे दामों में बेची जा रही लकड़ियां

नियम के अनुसार जमाबंदी जमीन पर पेड़ों की कटाई के लिए पहले अंचलाधिकारी से भूमि संबंधी प्रतिवेदन प्राप्त करना होता है. इसके बाद जिला वन पदाधिकारी से कटिंग परमिट लेना अनिवार्य है. हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि लकड़ी माफिया कम संख्या में पेड़ों का परमिट लेकर उससे अधिक पेड़ों की कटाई कर ऊंचे दामों पर बाहर बेच रहे हैं.

कई मौजों में पेड़ों की कटाई जारी

इन दिनों चोपाबाथान, खुड़ीडुमर समेत कई मौजों में पेड़ों की कटाई जारी है. बताया जाता है कि इन जमाबंदी जमीनों पर वन विभाग की सामाजिक वानिकी योजना के तहत पौधारोपण किया गया था. इस संबंध में आसनबनी वन क्षेत्र के वनपाल तरणी मंडल ने बताया कि वन विभाग से करीब 200 पेड़ों की कटाई के लिए परमिट लिए जाने की सूचना है.

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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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