दुमका : मसलिया थाना कांड संख्या 59/2016 में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार सिंह की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया. मामले में सरकार की ओर से आवश्यक सेन्शन रिपोर्ट नहीं मिल पाई थी तथा अभियोजन पक्ष पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका. इस कारण आवश्यक कानूनी औपचारिकता पूरी नहीं हो सकी. इसी आधार पर न्यायालय ने अवध किशोर यादव उर्फ कंचन दा, गोपाल राय और उकील मुर्मू को दोषमुक्त कर दिया. गौरतलब है कि वर्ष 2016 में इन तीनों की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने अवध किशोर यादव उर्फ कंचन दा को 10 लाख रुपये का इनामी माओवादी जोनल कमांडर बताया था. पुलिस के अनुसार कंचन दा को मसलिया प्रखंड के झंडापहाड़ से गिरफ्तार किया गया था. उसकी निशानदेही पर गोपाल राय और उकील मुर्मू को भी पकड़ा गया था.
गिरफ्तारी के समय भारी मात्रा में विस्फोटक बरामदगी का दावा
पुलिस ने गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से 35 हजार रुपये, नक्सली साहित्य, 63 रासायनिक जेल और 250 डेटोनेटर बरामद करने का दावा किया था. पुलिस ने कंचन यादव को संताल परगना की कई बड़ी नक्सली वारदातों में संलिप्त बताया था. इनमें पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड का भी उल्लेख किया गया था.
कभी होमगार्ड जवान था कंचन
पुलिस के अनुसार कंचन यादव पहले होमगार्ड जवान था. बाद में वह नक्सली संगठन के संपर्क में आया और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तक पहुंच गया. गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसे माओवादी संगठन का जोनल कमांडर बताते हुए उस पर दस लाख रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी दी थी. वर्ष 2016 में गिरफ्तारी और गंभीर आरोपों के बाद यह मामला न्यायालय में चला. लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद सरकार से आवश्यक सेन्शन रिपोर्ट नहीं मिल पाने और अभियोजन द्वारा पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया.
