रानीश्वर में ग्रामीणों ने स्कूल में जड़ा ताला, वेल्डिंग से किया सील; अब 3 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

रानीश्वर के लकड़ाघाटी स्कूल में ग्रामीणों द्वारा तालाबंदी और दरवाजा सील करने के मामले में प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है.

रानीश्वर: रांगालिया पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लकड़ाघाटी उर्दू में ग्रामीणों द्वारा तालाबंदी और वेल्डिंग कर दरवाजा सील किए जाने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है. कमेटी स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपेगी.

यह कार्रवाई ग्रामीणों की शिकायत और स्कूल में हुए विवाद के बाद की गई है. ग्रामीणों ने स्कूल में कार्यरत पारा शिक्षिकाओं की कथित लापरवाही और मध्याह्न भोजन को लेकर कई आरोप लगाए थे.

ग्रामीणों ने लगाया था ताला, फिर वेल्डिंग कर सील किया दरवाजा

ग्रामीणों और अभिभावकों ने 3 सितंबर को स्कूल में हंगामा करते हुए पहले ताला जड़ दिया था. इसके बाद वेल्डिंग मशीन से स्कूल के दरवाजे को सील कर दिया गया था.

ग्रामीणों का आरोप था कि स्कूल में कार्यरत तीनों पारा शिक्षिकाओं की कार्यशैली संतोषजनक नहीं है. वहीं स्कूल की संयोजिका पर भोजन और चावल आदि घर ले जाने का भी आरोप लगाया गया था.

पुलिस बल के साथ स्कूल पहुंचे अधिकारी, नहीं माने ग्रामीण

5 सितंबर को बीईईओ सह बीआरसी समन्वयक एस्थेर मुर्मू और बीपीओ मोहन ठाकुर पुलिस बल के साथ स्कूल पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्कूल खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे.

ग्रामीणों के नहीं मानने पर अधिकारी वापस लौट गए. ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि स्कूल में कार्यरत तीनों पारा शिक्षिकाओं को हटाकर दूसरे शिक्षक की व्यवस्था की जाए.

संयोजिका और एसएमसी अध्यक्ष को हटाने की भी मांग

ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ एमडीएम को मेन्यू के अनुसार और स्वादिष्ट तरीके से तैयार कराने की मांग रखी.

इसके अलावा ग्रामीणों ने स्कूल की संयोजिका और एसएमसी अध्यक्ष को भी हटाने की मांग की.

प्राथमिकी के आवेदन के बाद ग्रामीणों ने खोला स्कूल

स्कूल में तालाबंदी करने वालों के खिलाफ थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिए जाने के बाद शाम को गांव की एक महिला की पहल पर स्कूल का ताला खोल दिया गया. इसके साथ ही दरवाजे पर की गई वेल्डिंग भी तोड़ दी गई.

इसके बाद ग्रामीणों ने बीडीओ कार्यालय पहुंचकर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा के समक्ष अपनी शिकायत और मांगें रखीं.

बीडीओ ने दो दिन में जांच रिपोर्ट देने का दिया था निर्देश

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा की मौजूदगी में संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच का निर्देश दिया गया था. बीडीओ ने बीईईओ एस्थेर मुर्मू को जांच कमेटी गठित कर दो दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था.

इस दौरान बीपीओ मोहन ठाकुर, स्कूल के पारा शिक्षक सह सचिव अब्दुल कलाम समेत अन्य लोग मौजूद थे.

बीआरपी और दो सीआरपी जांच कमेटी में शामिल

जानकारी के अनुसार, बीईईओ सह बीआरसी समन्वयक एस्थेर मुर्मू ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है. कमेटी में बीआरपी अवधेश कुमार सहित दो सीआरपी को शामिल किया गया है.

अब जांच कमेटी स्कूल पहुंचकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों, स्कूल की व्यवस्था और विवाद से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेगी. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी.

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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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