राजस्थान से 60 लाख की चोरी कर भागे चोर ने जरमुंडी में बेचा था जेवरात

राजस्थान पुलिस चोरी का सामान बरामद करने के लिए जरमुंडी पहुंची. 60 लाख की चोरी कर राजस्थान से भागे चोर ने जेवर जरमुंडी के ज्वेलरी के दुकान में बेची थी. जयपुर से पहुंचे टीम में पुलिस पदाधिकारी रामदनी, सिपाही राहुल कुमार समेत पांच सदस्यीय टीम जरमुंडी शनिवार देर शाम पहुंची थी.

वारदात. राजस्थान पुलिस चोरी का समान दुकान से बरामद करने पहुंची जरमुंडी

मोबाइल लोकेशन के आधार पर पूणे से चोर हुआ था गिरफ्तार

कहा : महाकाल के हैं भक्त, अमीर को लूट कर बांटते हैं गरीबों मेंप्रतिनिधि, बासुकिनाथ

राजस्थान पुलिस चोरी का सामान बरामद करने के लिए जरमुंडी पहुंची. 60 लाख की चोरी कर राजस्थान से भागे चोर ने जेवर जरमुंडी के ज्वेलरी के दुकान में बेची थी. जयपुर से पहुंचे टीम में पुलिस पदाधिकारी रामदनी, सिपाही राहुल कुमार समेत पांच सदस्यीय टीम जरमुंडी शनिवार देर शाम पहुंची थी. पुलिस ने बताया कि हीरा जड़ित कान बाली करीब पांच लाख रुपये कीमत की होगी, जिसे जरमुंडी के ज्वेलरी के पास बेचा गया था. चार माह पूर्व जयपुर जामनगर थाना अंतर्गत व्यवसायी के घर में ज्वेलरी की चोरी हुई थी. मोबाइल लोकेशन के आधार पर मुंबई-पूणे से चोर को गिरफ्तार किया गया था, उसने अपना नाम मोनू कुमार (23) , पिता स्व गुलाब कुमार बिहार, दरभंगा का रहनेवाला बताया. बताये जगह से चोरी का समान बरामद किया जा रहा है. अब तक 15 लाख से अधिक चोरी का जेवर बरामद कर लिया गया है. चोर की निशानदेही पर राजस्थान पुलिस उसके साथ जरमुंडी स्थित दुकान पहुंची. दुकानदार की पहचान की गयी. दुकानदार को पुलिस ने अपने साथ जरमुंडी थाने ले गयी, जहां दुकानदार ने 70 हजार रुपये में हीरा जड़ित कानबाली खरीदने की बात स्वीकार की. पुलिस ने बताया जैसे खरीदे थे, वापस कर दें. दुकानदार ने बताया कि सोने की बाली को गला दिया तथा हीरे को चूर दिया गया है. उसी स्थिति में पुलिस ने गला सोना व हीरे के टुकड़े को बरामद कर लिया. मामूली लिखा पढ़ी कर उसे छोड़ दिया गया. जयपुर पुलिस गिरफ्तार मोनू कुमार को अपने साथ गाड़ी में ले गयी.

चोरी के पैसे से किया था वरदानीनाथ मंदिर में भंडारा

जब 23 वर्षीय चोर मोनू कुमार से पूछा गया कि चोरी के जेवर बेचे पैसे से क्या किया तो उसने अपनी छाती से कपड़े को हटाकर दिखाते हुए कहा कि वह महाकाल का भक्त है. छाती व बांह के ऊपर शिव के फोटो को गोदना कर टेटू बनाया था. बताया कि वह कुछ दिन पूर्व बासुकिनाथ पूजा करने आया था. भक्ति जगी और भोलेनाथ के दरबार में कुछ भंडारा करने का मन उद्वेलित हुआ. पर पॉकेट में पैसे नहीं थे. उसने चोरी के कान बाली को बेचना मुनासिब समझा. दुकानदार को कोई शक न हो. इसे लेकर उसने महिला और बच्चे को बासुकिनाथ के आसपास गांव से हायर किया. पत्नी व बच्चा बताकर उसे दुकान ले गया. बहुत जरूरी बता कर जेवर को दुकान में बेचने की बात कही. उसके जरूरत को समझ कर दुकानदार ने उसे 70 हजार रुपये भुगतान किया. हीरा जड़ित सोने की कान बाली ले लिया. पैसे से मोनू ने वरदानीनाथ मंदिर प्रांगण में गरीबों के बीच भंडारा किया. लोग उसे कोलकता का सेठ समझ रहे थे. उसने बताया कि चोरी के पैसे से एक पिस्टल भी खरीदी, पर उसका दोस्त पिस्टल लेकर चला गया. राजस्थान पुलिस ने बताया कि इसके पास से पैसे लूटने के लिए ही कुछ दोस्त इसका हमेशा साथ दे रहे थे. मोनू ने मुस्कुराते हुए कहा कि अमीरों से लूट कर गरीबों में बांटना मेरी फितरत है.

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Published by: Anand jaswal

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