दुमका : शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दुमका में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में जिले भर के 98 उत्कृष्ट प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया. समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीत कुमार, डायट की प्रभारी प्राचार्य मधुश्री कुमारी एवं संकाय सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार के लिए मिला सम्मान
आयोजन के दौरान उन शिक्षकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने रेल (REIL) मासिक परीक्षा के लिए मानक प्रश्न पत्रों का निर्माण किया था. साथ ही सतत पेशेवर विकास प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर एवं प्रशिक्षक की भूमिका निभाने वाले, शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने में जुटे डायट संकाय सदस्यों तथा अपने-अपने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने वाले प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को मंच पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए.
शिक्षक समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं
विषय प्रवेश कराते हुए डायट संकाय सदस्य डॉ. प्रियंकर परमेश ने कहा कि शिक्षक अज्ञानता रूपी अंधकार को समाप्त कर समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर बनाई गई नीति के अनुरूप अब प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस पर बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर सम्मानित किया जाएगा.
लाइमलाइट से दूर काम कर रहे शिक्षकों की होगी पहचान
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीत कुमार ने कहा कि सभी शिक्षक सेवा भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करें. उन्होंने कहा कि दुमका जिले के सुदूरवर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे शिक्षक पदस्थापित हैं, जो बिना किसी प्रचार या लाइमलाइट की परवाह किए पूरी निष्ठा से बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं. विभाग अब प्रतिवर्ष ऐसे कर्मठ शिक्षकों को विशेष रूप से चिन्हित कर शिक्षक दिवस पर सम्मानित करेगा, ताकि उनका उत्साहवर्धन हो सके.
आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
आयोजन को सफल बनाने में डॉ. किशोर कुमार मंडल, रेखा साव, अमित कुमार, नव गोपाल दास, प्रकाश हेंब्रम, चांदनी कुमारी, सुब्रत गोराई, आदेश पाल, सनातन टुडू, फुलमुनी, पकू मुर्मू, अजय और प्रदीप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
