दुमका में तलवार से सिर काटने के आरोप वाले केस में 10 की गवाही, 9 सितंबर को फिर सुनवाई

दुमका के केवटपाड़ा में पानी निकासी विवाद से उपजे विमला देवी हत्याकांड में सुनवाई तेज हो गई है. सोमवार को अनुसंधानकर्ता सावन कुमार साहू की गवाही हुई, जिसे बचाव पक्ष पूरा नहीं कर सका.

प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट. दुमका नगर थाना क्षेत्र के केवटपाड़ा में पानी निकासी के विवाद को लेकर हुई चर्चित विमला देवी हत्याकांड में सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधांशु कुमार शशि की अदालत में 16वें गवाह के रूप में अनुसंधानकर्ता सावन कुमार साहू की गवाही हुई. गवाही पूरी होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से अनुसंधानकर्ता का प्रतिपरीक्षण शुरू किया गया, लेकिन समयाभाव के कारण यह पूरा नहीं हो सका. न्यायालय ने शेष प्रतिपरीक्षण के लिए 9 सितंबर की तिथि निर्धारित की है.

हत्या उजाले में होने को लेकर न्यायालय की टिप्पणी

प्रतिपरीक्षण के दौरान न्यायालय ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता से कहा कि जिस मामले में हत्या उजाले में हुई हो और महिला की तलवार से सिर काटकर हत्या किए जाने का आरोप हो, ऐसे मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता के लिए प्रतिपरीक्षण काफी चुनौतीपूर्ण होता है.

अभियोजन की ओर से अब तक इस मामले में कुल 16 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है. अनुसंधानकर्ता की गवाही के बाद मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी.

पानी निकासी के विवाद से शुरू हुआ था मामला

गौरतलब है कि केवटपाड़ा मोहल्ले में पानी की निकासी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. पुलिस अनुसंधान के अनुसार, मृतका विमला देवी का मुख्य विवाद आरोपी फूलचंद साह के बजाय पड़ोस में रहने वाली रागिनी झा से था. घटना के दिन दोनों महिलाओं के बीच कहासुनी होने के बाद रागिनी झा द्वारा फोन कर फूलचंद साह को बुलाने का आरोप है.

अभियोजन का आरोप : तलवार लेकर पहुंचा था आरोपी

अभियोजन के अनुसार, इसके बाद फूलचंद साह घर से तलवार लेकर मौके पर पहुंचा और विमला देवी पर हमला कर उनकी हत्या कर दी. मामले के अनुसंधान के दौरान पुलिस ने कथित रूप से घटना में प्रयुक्त तलवार भी बरामद की थी.

घटना में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने फूलचंद साह, उसके पिता सहायक अवर निरीक्षक लालचंद्र साह और रागिनी झा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था. मामले में आगे की सुनवाई 9 सितंबर को अनुसंधानकर्ता के शेष प्रतिपरीक्षण के साथ होगी.

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लेखक के बारे में

By विक्रमादित्य पांडेय

विक्रमादित्य पांडेय पेशे से अधिवक्ता हैं और पिछले नौ वर्षों से प्रभात खबर में विधि संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. कानून एवं न्यायिक मामलों की रिपोर्टिंग में विशेष रुचि रखते हैं. लॉ, क्राइम, सेटलमेंट, कंज्यूमर फोरम, सिविल कोर्ट और राजस्व (रेवेन्यू) से जुड़े विषयों पर नियमित एवं गहन रिपोर्टिंग का अनुभव रखते हैं.

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