चीनी हुई कड़वी, 70 रुपये किलो पहुंचा भाव; सरसों तेल-प्याज भी महंगे

रानीश्वर बाजार में चीनी, गुड़, सरसों तेल और प्याज की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से आम लोगों का बजट बिगड़ा. जानिए क्या हैं ताजा भाव और महंगाई के कारण.

रानीश्वर: बाजार में आवश्यक खाद्य सामग्री की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. रानीश्वर क्षेत्र में पिछले करीब एक माह के दौरान चीनी के दाम में अचानक तेजी आयी है. फिलहाल बाजार में चीनी 65 से 70 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है. वहीं गुड़ की कीमत भी बढ़कर 52 से 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है.

एक माह में 45 से बढ़कर 70 रुपये किलो हुई चीनी

स्थानीय दुकानदारों के अनुसार करीब एक माह पहले चीनी 45 से 47 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही थी. इसके बाद कीमत में लगातार वृद्धि हुई. पहले चीनी का भाव करीब 50 रुपये, फिर 60 रुपये और अब 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. खुदरा बाजार में कई दुकानों पर चीनी 70 रुपये किलो तक बेची जा रही है.

सरसों तेल और प्याज के दाम में भी उछाल

चीनी और गुड़ के साथ-साथ सरसों तेल और प्याज की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. बाजार में सरसों तेल करीब 190 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है. वहीं प्याज की कीमत 35 से 55 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है. आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है.

निम्न और मध्यम वर्ग पर बढ़ा महंगाई का बोझ

स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं की कीमत बढ़ने से परिवार का खर्च बढ़ गया है. खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को बढ़ती कीमतों का अधिक असर झेलना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि आमदनी में बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद जरूरी सामान महंगा होने से घर का बजट बिगड़ रहा है.

सैंथिया से थोक में सामान लाते हैं दुकानदार

रानीश्वर क्षेत्र के अधिकांश किराना दुकानदार पश्चिम बंगाल के सैंथिया से थोक में खाद्य सामग्री खरीदकर लाते हैं. दुकानदारों के अनुसार सैंथिया के थोक बाजार में कीमत बढ़ने के बाद यहां भी खुदरा कीमतों में वृद्धि हो जाती है. हालांकि चीनी और अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम में अचानक इतनी वृद्धि किन कारणों से हुई है, इसकी स्पष्ट जानकारी स्थानीय दुकानदारों को भी नहीं है.

कीमतों की निगरानी और जांच की मांग

आम लोगों ने बाजार में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी रखने और अचानक बढ़े दाम के कारणों की जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि बाजार में मूल्य नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था होने से उपभोक्ताओं को अनावश्यक महंगाई से राहत मिल सकती है.


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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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