बासुकिनाथ: श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी क्रम में फूड सेफ्टी टीम ने गोदाम मोड़, काली मंदिर चौक से दुर्गा मंदिर रोड तक विभिन्न पेड़ा दुकानों, भोजनालयों और रेस्टोरेंट समेत 26 खाद्य प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया.
मोबाइल लैब से 62 खाद्य नमूनों की जांच
जांच के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के माध्यम से मौके पर ही पेड़ा, हल्दी, सब्जी, दही, तेल, मिर्च पाउडर और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 62 नमूनों की जांच की गयी. जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आयी.
155 किलो फंगस लगे पेड़े कराये नष्ट
टीम ने मानक के अनुरूप नहीं पाये गये 155 किलोग्राम फंगस लगे पेड़े को तत्काल नष्ट कराया. इसके अलावा 14 किलोग्राम हल्दी, 26 लीटर तैयार दाल, 16 किलोग्राम तैयार सब्जी और 3 किलोग्राम मिक्स मसाला भी मानक विहीन पाए जाने पर नष्ट कराया गया. खाद्य सामग्री की खराब स्थिति सामने आने से मेला क्षेत्र में खाद्य कारोबारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं.
कारोबारियों पर लगाया 3000 रुपये का जुर्माना
फूड सेफ्टी टीम ने संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 3000 रुपये का अर्थदंड लगाया. टीम ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
श्रावणी मेला में गुणवत्ता और स्वच्छता पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
जांच से खाद्य कारोबारियों में मचा हड़कंप
जांच अभियान के दौरान एफएसओ अंजना रानी मिंज, जरमुंडी थाना पुलिस बल, एमएफटीएल के जूनियर एनालिस्ट शुभम कुमार और लैब अटेंडेंट सुधांश कुमार मौजूद रहे. खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही.
