बासुकिनाथ. राजकीय श्रावणी मेला के 14वें दिन बुधवार को बासुकिनाथ धाम में देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर दिखी. कठिन यात्रा पूरी कर लाखों श्रद्धालु बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में पहुंचकर जलार्पण कर रहे हैं. धाम में कांवरियों का प्रवाह लगातार जारी है. मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से अरघा लगाया गया है, जिसके माध्यम से कांवरिये बाबा पर जलार्पण कर दर्शन-पूजन कर रहे हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए हैं. पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा बलों की निगरानी में रखा गया है. चिकित्सा सुविधा, पेयजल, शौचालय, खोया-पाया केंद्र और यातायात व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं. इसके कारण श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है.
बाबा पर जल अर्पित करते ही गदगद हो रहे श्रद्धालु
श्रावणी मेला के इन 14 दिनों में बासुकिनाथ धाम गंगाजल से भरे जलपात्रों, केसरिया वस्त्रों और हर-हर महादेव के जयकारों से सराबोर नजर आया. श्रद्धालु लंबी कतारों में अनुशासन के साथ आगे बढ़ते हुए बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण करते रहे. कई श्रद्धालु रातभर की यात्रा कर सुबह मंदिर पहुंचे और अपनी बारी का इंतजार करते हुए बाबा का दर्शन-पूजन किया.
बाजार में भी देखी जा रही चहल-पहल
मेला क्षेत्र में एक ओर जहां भक्ति और आस्था का वातावरण बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय बाजारों में भी खूब चहल-पहल देखने को मिल रही है. बाबा के दर्शन के बाद श्रद्धालु स्थानीय प्रसाद, पेड़ा, पूजा सामग्री और अन्य सामानों की खरीदारी करते नजर आए. श्रद्धालु बासुकिनाथ की यादों को कैमरे में कैद कर अपने घर लौट रहे हैं. बाबा के दरबार से विदा होते समय अधिकांश श्रद्धालुओं के मन में यही संकल्प दिखा कि अगले वर्ष भी वे बाबा बासुकिनाथ के दर्शन के लिए जरूर आएंगे.
अरघा के माध्यम से हो रहा जलार्पण
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर में प्रशासन की ओर से अरघा लगाया गया है. इसके माध्यम से कांवरिये बाबा फौजदारीनाथ पर जलार्पण कर दर्शन-पूजन कर रहे हैं. लंबी कतार के बावजूद श्रद्धालु अनुशासन के साथ अपनी बारी का इंतजार करते दिखे.
सुरक्षा से लेकर पेयजल तक की व्यवस्था
जिला प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गये हैं. पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा बलों की निगरानी में रखा गया है. चिकित्सा सुविधा, पेयजल, शौचालय, खोया-पाया केंद्र और यातायात व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं.
