दुमका : आदित्य नारायण महाविद्यालय, दुमका में सेमेस्टर-5 के विद्यार्थियों को परियोजना कार्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया. हिंदी विभाग समेत एआईएच एवं सी, संस्कृत, ग्रामीण अर्थशास्त्र, संथाली और बंगाली विभाग के विद्यार्थियों ने कार्यशाला में भाग लिया. विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के निर्धारित मापदंड के अनुरूप परियोजना कार्य तैयार करने की जानकारी दी.
प्राचार्य ने दिया मार्गदर्शन
प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थी परियोजना कार्य को अपने परियोजना निर्देशक के मार्गदर्शन में सही तरीके से पूरा करें. इससे उन्हें आगे शोध कार्य करने में काफी सहायता मिलेगी. उन्होंने विद्यार्थियों को परियोजना कार्य को गंभीरता से पूरा करने की सलाह दी.
विषय चयन और तैयारी की जानकारी
परियोजना कार्य के समन्वयक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को विषय चयन और परियोजना को व्यवस्थित तरीके से तैयार करने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समय-समय पर महाविद्यालय आकर अपने परियोजना निर्देशक से मार्गदर्शन लेते रहें. इससे निर्धारित 40 दिनों के भीतर परियोजना कार्य बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा और विषय विशेषज्ञ के समक्ष प्रस्तुतीकरण तथा मौखिकी में भी सुविधा होगी.
परियोजना के चरणों को समझाया
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अन्हद लाल ने विद्यार्थियों को परियोजना कार्य के विभिन्न चरणों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने विद्यार्थियों को उनके विषय आवंटित करते हुए परियोजना को क्रमबद्ध तरीके से तैयार करने की प्रक्रिया समझायी. आवरण पृष्ठ से लेकर सारांश तक लिखने की तकनीकी प्रक्रिया भी बतायी गयी.
प्रस्तुतीकरण को लेकर भी जानकारी
साथ ही परियोजना के आवरण पृष्ठ को आकर्षक बनाने तथा हस्तलिखित कार्य को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने के संबंध में जानकारी दी गयी. कार्यशाला में एआईएच एवं सी, संस्कृत, ग्रामीण अर्थशास्त्र, संताली और बंगाली विभाग के विभागाध्यक्षों ने भी अपने-अपने विद्यार्थियों को परियोजना कार्य पूरा करने की प्रक्रिया, प्रस्तुतीकरण और निर्धारित मानकों की जानकारी दी.
