प्रतिनिधि, हंसडीहा. हंसडीहा के मुख्य चौराहे पर एक माह के भीतर दो शराब दुकानें खोले जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. दोनों दुकानें चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर से महज 10 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही हैं. भीड़भाड़ वाले मुख्य चौराहे और धार्मिक स्थल के समीप शराब दुकानों के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं.
लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहे पर दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है. हंसडीहा बिहार की सीमा से सटा होने के कारण यहां शराब दुकानों पर भीड़ भी बनी रहती है. ऐसे में चौराहे पर शराब दुकानों के संचालन से सड़क दुर्घटना की आशंका के साथ यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और स्थानीय लोगों को परेशानी होने की चिंता बनी हुई है.
पहले बाजार से बाहर थीं दुकानें, सावन में चौराहे के पास पहुंचीं
स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त शराब दुकानें पहले बाजार क्षेत्र से बाहर संचालित होती थीं. सावन माह में दुकानों का स्थान बदलकर मुख्य चौराहे के समीप कर दिया गया. इसके बाद से ही स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ गया है.
लोगों का कहना है कि एक ओर मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है, वहीं दूसरी ओर मुख्य चौराहे पर वाहनों और राहगीरों की भारी भीड़ रहती है. ऐसे स्थान पर शराब दुकानों के संचालन से क्षेत्र के माहौल पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है.
राजस्व बढ़ने का हवाला, विभाग से मांगी गई जानकारी
मामले को लेकर आबकारी विभाग के कर्मी से संपर्क किया गया तो उन्होंने पहले इस संबंध में जानकारी देने से टालमटोल की और कहा कि इसकी जानकारी दुमका पहुंचकर ही ली जा सकती है. बाद में उन्होंने कहा कि दुकान का स्थान बदलने से राजस्व में वृद्धि हुई है. साथ ही इस संबंध में विभागीय स्तर पर जानकारी ली जा सकती है.
स्थानीय लोगों ने की स्थान की समीक्षा की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग ने मुख्य चौराहे और मंदिर के समीप भीड़भाड़ वाले इलाके में शराब दुकानें खोलने की अनुमति दी है. लोगों का कहना है कि दुकान खोलने से पहले सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आसपास के धार्मिक स्थल एवं आबादी को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए.
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हनुमान मंदिर, मुख्य चौराहे और घनी आबादी के समीप संचालित हो रही शराब दुकानों के स्थान की विभागीय स्तर पर समीक्षा की जाए. साथ ही सड़क सुरक्षा और आम लोगों की परेशानी को देखते हुए उचित कार्रवाई की जाए.
