हंसडीहा. विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान हंसडीहा में जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है. मेले के दौरान नियमित साफ-सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा है. इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ आवागमन करने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मुख्य चौराहे और तालाब के आसपास पसरी गंदगी
हंसडीहा मुख्य चौराहे के समीप गोड्डा रोड के मुहाने पर कचरे का ढेर जमा है. वहीं थाना के समीप स्थित तालाब के आसपास भी कचरा और गंदगी पसरी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के बावजूद सफाई व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
विशेष सफाई व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल
हर वर्ष श्रावणी मेले के दौरान प्रशासन की ओर से किसी न किसी एजेंसी के माध्यम से विशेष साफ-सफाई की व्यवस्था की जाती थी. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस वर्ष सफाई व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अथवा पंचायत स्तर से अपेक्षित पहल नहीं की गयी है.
लोगों का आरोप है कि प्रशासन की निगरानी में कमी के कारण सफाई कार्य में लगी एजेंसी भी नियमित रूप से काम नहीं कर रही है. यदि समय रहते कचरे का उठाव नहीं कराया गया तो समस्या और गंभीर हो सकती है.
दुर्गंध और बीमारी का बढ़ सकता है खतरा
लगातार गर्मी और धूप के कारण जमा कचरे से दुर्गंध फैल रही है. लंबे समय तक कचरा पड़े रहने से मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है. इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है. श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इसे गंभीर समस्या बताया है.
तत्काल सफाई अभियान चलाने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हंसडीहा में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि मुख्य चौराहे, सड़क किनारे और तालाब के आसपास जमा कचरे का जल्द से जल्द उठाव कराया जाए. साथ ही मेले की अवधि में नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को गंदगी से परेशानी न हो.
