साहिबजादों के बलिदान को किया गया नमन

पटेल सेवा संघ, शहीद सरदार भागवत राउत विचार मंच एवं सिविल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में चौथे वीर बाल दिवस मनाया गया.

संवाददाता, दुमका पटेल सेवा संघ, शहीद सरदार भागवत राउत विचार मंच एवं सिविल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में चौथे वीर बाल दिवस मनाया गया. गौरतलब है कि वीर बाल दिवस की शुरुआत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. यह दिवस सिख इतिहास के उन दो महान वीर बालकों के अतुलनीय बलिदान की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने 26 दिसंबर 1705 ईस्वी को सरहिंद के नवाब वजीर खान के सामने अदम्य साहस, धर्मनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया. 10वें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादे मात्र छह वर्ष के साहिबजादा जोरावर सिंह जी और नौ वर्ष के साहिबजादा फतेह सिंह जी को इस्लाम स्वीकार करने से इनकार करने पर जीवित दीवार में चुनवा दिया गया, किंतु उन्होंने अपने धर्म और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया. उनका यह बलिदान विश्व के लिए प्रेरणास्रोत है “जान दे देंगे, पर ईमान नहीं देंगे.”कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों ने उनके बलिदान को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की. अंचल अधिकारी अमर कुमार उपस्थित थे. कार्यक्रम में सिविल सोसायटी दुमका के अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, उपाध्यक्ष प्रेम केशरी, जय माता दी सेवा समिति के अध्यक्ष एवं पटेल सेवा संघ के उपाध्यक्ष राजेश कुमार राउत, सरदार सुरेन्द्र सिंह, हरजीत सिंह, नवकिरत सिंह, वीर सिंह चावला, विजय कुमार सोनी, लक्ष्मीनारायण साह, विनोद राउत, गजेन्द्र कुमार, अंकित केशरी, रिंकू कुमार मंडल, रोहित यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता राधेश्याम वर्मा ने की, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संदीप कुमार ‘जय बमबम’ द्वारा किया गया. विशेष आकर्षण 12 वर्षीय बालक वीर सिंह चावला की प्रस्तुति रही, जिन्होंने दोनों वीर साहिबज़ादों की संक्षिप्त वीर गाथा पंजाबी भाषा में प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANAND JASWAL

ANAND JASWAL is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >