गंदे पानी और मच्छरों से प्रकोप से परेशान मोहल्ले के लोग

वार्ड स्कैन: वार्ड एक के रसिकपुर के लोगों ने बतायी परेशानी

वार्ड स्कैन: वार्ड एक के रसिकपुर के लोगों ने बतायी परेशानी प्रतिनिधि, दुमका: दुमका नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या -1, रसिकपुर में रहने वाले लोग इन दिनों कई गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं. लगभग 3500 की आबादी वाले इस वार्ड में पेयजल, नालियों से जल निकासी और जल जमाव की समस्याएं विकराल रूप ले चुकी हैं. बारिश के मौसम में जलभराव और गंदे पानी के बहाव से उत्पन्न गंदगी और दुर्गंध स्थानीय लोगों के लिए रोज़मर्रा की परेशानी बन चुकी है. इसके अलावा, मच्छरों के प्रकोप और महामारी का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोग स्वास्थ्य संकट से डरते हुए जीवन जी रहे हैं. वार्ड के नालों में जमा कचरा और जल निकासी की खराब व्यवस्था ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है. लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से उपरी इलाके में स्थित होने के कारण जल निकासी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है, और जब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक यहां के लोग पानी की बीमारियों और सफाई की समस्याओं से जूझते रहेंगे. पानी की सप्लाई के लिए यहां पाइपलाइन तो बिछाई गयी है, लेकिन अत्यधिक कम दबाव के कारण लोगों को सही तरीके से पानी नहीं मिल पाता. वे महंगे बिल का भुगतान करने के बावजूद पर्याप्त पानी की आपूर्ति से वंचित हैं. कुछ लोग मजबूरी में अवैध रूप से मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति का प्रयास करते हैं, जिससे स्थिति और भी जटिल हो जाती है. अब जबकि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और पानी की समस्या और बढ़ने वाली है. लोगों की चिंताएं और बढ़ गयी हैं. हालांकि, संबंधित विभाग और अधिकारियों की उदासीनता ने इस समस्या के समाधान को और दूर कर दिया है. यह वार्ड न केवल बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण बन चुका है कि जब तक प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलता, तब तक स्थानीय लोग अपनी समस्याओं का सामना करने में असहाय रहते हैं. =========== वार्ड संख्या एक में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है. नगर पालिका द्वारा वार्ड संख्या एक में सप्लाई पानी के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है और लोगों ने 10 से 15 हजार रुपए खर्च कर अपने-अपने घरों में कनेक्शन भी करा लिया है, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है. प्रेमलाल नाली का निर्माण तो करा दिया गया है, लेकिन नाली की सफाई नहीं के बराबर हो रही है. कचरे से नाली भरने के बाद गंदगी ऊपर बहकर सड़क पर आ जाती है. पिछले दिनों हल्की बारिश में नाली से कचरा बाहर आ गया था. रंजीत वार्ड में स्ट्रीट लाइट खराब हो चुकी है, जिसे अभी तक ठीक नहीं किया गया है. और भी चौक-चौराहों पर स्ट्रीट लाइट लगाने की आवश्यकता है, बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया जा रहा है. कचरा उठाने के लिए वार्ड में सफाई कर्मी तक नहीं आते हैं. राकेश वार्ड संख्या एक में एक अतिरिक्त बोरिंग भी कराया गया है, लेकिन वहां भी ताला बंद है. वार्ड में करीब 15 चापानल हैं, वे भी वार्ड के लोगों की प्यास बुझाने में असमर्थ हैं. कुछ खराब हैं, तो कुछ जलस्तर के घटने से पानी कम निकल रहा है. सुनील शर्मा नगर परिषद द्वारा आवंटित राशि से आवश्यकताओं के अनुसार नाली निर्माण कराया गया है, बिजली खंभे लगवाए गए हैं और जलमीनार का निर्माण कराया गया है, लेकिन मद की कमी के कारण वार्ड में विकास कार्य नहीं हो सका. वीणा देवी, वार्ड पार्षद

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Published by: Anand jaswal

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